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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह को कहा ‘ सरदार पटेल’, सियासी हलचल तेज

Kailash Vijayvargiya: अपनों की आलोचना झेल रहे दिग्विजय सिंह भाजपा की गुड लिस्ट में शामिल हुए, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कर दी जमकर तारीफ

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Kailash Vijayvargiya comment to digvijay singh

Kailash Vijayvargiya comment to digvijay singh(photo: FB)

Kailash Vijayvargiya: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी की तारीफ के बाद अपनी ही पार्टी में आलोचना झेल रहे राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह अब भाजपा की गुड लिस्ट में हैं। रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने तो उन्हें भाजपा में आने के न्योते भी दिया था। अब उनके मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता दिग्विजय की तारीफ में कसीदे पढ़े।

सोशल मीडिया पर शेयर की पोस्ट

सोमवार को अपने एक बयान में विजयवर्गीय ने दिग्विजय सिंह की तुलना लौह पुरुष वल्लभ भाई पटेल से कर दी। अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर कहा, लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद होना स्वभाविक है, लेकिन सच कहने का साहस भी होना चाहिए, जो कि हर किसी में नहीं होता। वे लिखते हैं कि कांग्रेस नेता सिंह ने आरएसएस की तारीफ करके साहसी होने का परिचय दिया है।

यहां पढ़ें पूरी पोस्ट

विधानसभा विशेष सत्र में भी की थी तारीफ

17 दिसंबर को बुलाए मप्रविधानसभा के विशेष सत्र में भी मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश के तमाम मुख्यमंत्रियों की तारीफ की थी, जिसमें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को उन्होंने कई मामलों में बेहतर बताया था। विजयवर्गीय ने कहा था कि राजनीतिक सौजन्यता दिग्विजय सिंह से सीखनी चाहिए। सदन के अंदर हुई चर्चा के कुछ दिन बाद दिग्विजय ने मंत्री कैलाश की तारीफ की थी।

अप्रेल में खत्म हो रहा दिग्गी का कार्यकाल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद दिग्विजय का कार्यकाल अप्रेल 2026 में खत्म हो रहा है। कांग्रेस अपने कोटे से राज्यसभा में एक ही सदस्य भेज सकती है। सिंह के इस बयान को दांव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कुछ साल से हाशिये पर रहे दिग्विजय के खाते में कमलनाथ सरकार गिरने का भी अप्रत्यक्ष दोष है। हालांकि शीर्ष नेतृत्व भी ज्यादा उनसे ज्यादा खुश नहीं दिख रहा है।

दिल्ली में घटे होंगे दिग्विजय सिंह के नंबर

ऐसा करने से सिंह के दिल्ली में नंबर जरूर घटे होंगे, लेकिन उसने कांग्रेस के अंदर 50 के दशक के नेता सरदार पटेल और अन्य नेताओं की तरह उस परंपरा पर चलने का काम किया है जो सच कहने की हिम्मत रखते थे।