
किसान आंदोलन Live: मध्यप्रदेश में 'गांव बंद' का दूसरा दिन, जानिए कहां कैसी है स्थिति
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन के तहत 'गांव बंद' के दूसरे दिन शनिवार को सुबह से ही व्यापक असर देखने को नहीं मिला। मध्यप्रदेश में ज्यादातर जिलों में फल, सब्जी और दूध की समस्या नहीं हो रही है। फिर भी प्रशासन पूरी तरह से स्थिति पर नजर रखे हुए है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार की सुबह आम दिनों की तरह ही रही। दूध से लेकर सब्जी की कोई समस्या नहीं। गांवों से नियमित दूध और सब्जी भोपाल पहुंच रही है।
इधर, सीहोर जिले से खबर है कि यहां की मंडी में भी रोज की ही तरह काम हुआ। थोक व्यापारियों में किसान आंदोलन का असर देखने को नहीं मिला।
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होशंगाबाद में नहीं आई सब्जी
हमारे होशंगाबाद सेंटर से खबर है कि मंडी में शनिवार सुबह ताजी सब्जी गांवों से नहीं आई। इस कारण कल की सब्जी ही बाजार में उपलब्ध है। मंडी में सब्जी कम होने के कारण कीमतें भी बढ़ी है। गांवों से आने वाला दूध भी नहीं आने से लोगों को थोड़ी दिक्कत महसूस हुई।
झाबुआ में फ्री में बांटने लगे दूध और सब्जी
झाबुआ में किसानों ने सब्जी और दूध सड़कों पर फेंकने की जगह लोगों को फ्री में बांटने का अनोखा प्रदर्शन किया। पुलिस को सूचना लगते ही यह प्रदर्शन बंद करा दिया गया। जिले की तहसीलों से भी खबर है कि वहां भी मरीजों को दूध बांटने या एक जुटने की कोशिशें की जा रही हैं।
बुरहानपुर में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
मध्यप्रदेश के बुरहानपुर से समाचार है कि यहां के किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंधी से नुकसान पर मुआवजे की मांग की। जिले में शुक्रवार शाम को आई आंधी के कारण 15 से अधिक गांवों में केले की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। उधऱ, मंत्री अर्चना चिटनीस ने प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया।
नरसिंहपुर में किसान आंदोलन ने जोर पकड़ा
किसान आंदोलन के दूसरे दिन पूरे मध्यप्रदेश से शांति बनी हुई है, लेकिन नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में किसानों के प्रदर्शन ने थोड़ा जोर पकड़ा है। तेंदूखेड़ा के किसानों ने दोपहर में सड़क पर प्रदर्शन किया और सब्जी और दूध फेंककर विरोध प्रदर्शन किया।
सब्जी के दाम बढ़े
हालांकि किसान आंदोलन का असर इतना रहा कि सब्जी के दाम बढ़ गए हैं। मंडी में सब्जी दोगुने भावों में बिक रही है। किसान आंदोलन के एक दिन पहले ही सब्जी नहीं आने की आशंका में भाव बढ़ गए थे। दूध और सब्जी की आपूर्ति कम होने की वजह से इनके भाव बढ़े हैं।
10 जून को भारत बंद
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने 10 जून को भारत बंद का ऐलान किया है। शर्मा का कहना है कि सरकार किसानों की बात न करके आंदोलन को लेकर भ्रम फैला रही है। सवाल यह नहीं कि आंदोलन किसका है। सवाल ये है कि किसानों की मांग सरकार क्यों नहीं मान रही है। इसीलिए 10 जून को भारत बंद का ऐलान किया है। इस आंदोलन में कर्मचारी, व्यापारी और किसानों से भारत बंद में शामिल होने की अपील की है। यह बंद दोपहर दो बजे तक ही चलेगा। जिससे लोगों को परेशानी न हो।
6 जून को ज्यादा टेंशन
हालांकि पिछले साल 6 जून को मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले में किसानों पर हुई पुलिस फायरिंग में सात किसानों की मौत के बाद तीन दिन बाद पहली बरसी है। यह बरसी किसानों के दस दिवसीय आंदोलन के दौरान पड़ रही है। इधर, 6 जून को किसानों का आंदोलन बढ़ सकता है, इसे देखते हुए सरकार ने भी तैयारी कर ली है।
पहले दिन दिखा थोड़ा असर
मध्यप्रदेश में शुक्रवार को गांव बंद का असर देखने को मिला था। राजधानी, भोपाल समेत मंदसौर और अन्य जिलों में कहीं-कहीं सब्जी और दूध के लिए लोगों को परेशान होना पड़ा था। दूध और सब्जी की आपूर्ति कम होने की वजह से इनके भाव भी बढ़ गए हैं।
Updated on:
02 Jun 2018 01:25 pm
Published on:
02 Jun 2018 12:24 pm
