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डॉक्टरों की चेतावनी…’कम नींद’ और ‘पेट की चर्बी’ से हो सकता ब्रेस्ट कैंसर

Health News: आंकड़ों की माने तो मप्र में ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल दो से तीन प्रतिशत बढ़ रहे हैं।
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breast cancer

breast cancer (Photo Source - Patrika)

Health News: नींद की कम, तनाव और पेट की चर्बी से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही है। एम्स, बीएमएचआरसी और जेके कैंसर अस्पताल सहित भोपाल के प्राइवेट अस्पतालों में ऐसी महिलाएं पहुंच रही हैं, जो पहले लंबे समय तक नींद की कमी, अधिक तनाव और पेट में चर्बी बढ़ने की समस्या से जूझ रहीं थीं और बाद में उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो गया। सरकारी आंकड़े और आइसीएमआर का अध्ययन इस बदलते खतरे की पुष्टि कर रहे है।

जीवनशैली से जुड़े कारण प्रमुख

आंकड़ों की माने तो मप्र में ब्रेस्ट कैंसर के मामले हर साल दो से तीन प्रतिशत बढ़ रहे हैं। वहीं राजधानी में यह वृद्धि चार से पांच प्रतिशत तक पहुंच गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधे से अधिक मामलों में जीवनशैली से जुड़े कारण प्रमुख है। आइसीएमआर के ताजा अध्ययन में पेट की चर्बी को ब्रेस्ट कैंसर का बड़ा कारण माना गया है। जिन महिलाओं की कमर और कूल्हा अनुपात 0.85 या उससे अधिक है, उनमें खतरा कई गुना बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार खराब नींद, देर रात तक जागना, रोशनी में सोना और बढ़ता मानसिक दबाव कैंसर के खतरे को बढ़ा रहे हैं।

केस स्टडी

आम महिलाएं, असामान्य कारण

केस-1: कटारा हिल्स की 35 वर्षीय महिला लंबे समय तक तनाव से जूझती रहीं। परिवार में किसी को कैंसर नहीं था। जांच में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई।

केस-2: अरेरा कॉलोनी की 26 वर्षीय महिला मोटापा कम कराने ओपीडी पहुंचीं। जांच में पता चला कि हार्मोनल असंतुलन के कारण उन्हें ब्रेस्ट कैंसर हो चुका है।

केस-3: केस-3- कोलार की 34 वर्षीय महिला को रात में नींद न आने की समस्या थी। उन्होंने इसे नजरअंदाज किया। पूरी जांच में ब्रेस्ट कैंसर सामने आया।

डॉक्टरों की चेतावनी

कैंसर विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र पाल सिंह और एम्स के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अंकित जैन बताते हैं कि नींद की कमी से मेलाटोनिन हार्मोन दब जाता है। यह हार्मोन कैंसर-रोधी भूमिका निभाता है। लगातार तनाव से कोर्टिसोल बढ़ता है, जिससे हार्मोन और मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है। विशेषज्ञ नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन को जरूरी मानते हैं। समय पर जांच ही ब्रेस्ट कैंसर से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।