
खाते के संचालन पर भी रोक नहीं
भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है. किसानों को मिली प्रधानमंत्री फसल बीमा की राशि से अब कर्ज की वसूली नहीं की जा सकेगी. सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं. यह भी कहा गया है कि यदि बीमा राशि से कोई अतिरिक्त राशि काटी गई है तो उसे किसानों के खाते में वापस जमा करना होगा. ये आदेश सोमवार को जारी किए गए हैं.
किसानों के कालातीत और मध्यावधि में परिवर्तित ऋण के अलावा कोई वसूली नहीं-आदेश जारी करते हुए सहकारिता आयुक्त संजय गुप्ता ने साफ कहा कि चालू ऋण के समायोजन के लिए पहले संबंधित किसान से सहमति लेना जरूरी है. इसके बाद ही राशि काटी जा सकती है. किसानों के कालातीत और मध्यावधि में परिवर्तित ऋण के अलावा कोई वसूली नहीं की जा सकती.
मध्यप्रदेश में हाल ही किसानों को बीमा राशि मिली. इस बार किसानों को खरीफ 2020 और रबी 2020-21 की कुल सात हजार 618 करोड़ रुपये से अधिक की फसल बीमा राशि मिली है. किसानों की इस बीमा राशि से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अपने ऋण की वसूली कर रहे थे जोकि पूरी तरह गैरकानूनी है. इस वसूली को लेकर किसानों ने जबर्दस्त विरोध जताया क्योंकि अधिकांश किसान डिफाल्टर नहीं थे. किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार ने बीमा राशि से कर्ज वसूली पर रोक लगा दी. इस बार कुल 49 लाख 85 हजार 24 किसानों को बीमा राशि मिली है.
सहकारिता विभाग ने इस संबंध में सोमवार को सभी बैंकों को निर्देश जारी किए. बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को कहा गया है कि फसल बीमा की राशि से कालातीत और मध्यावधि में परिवर्तित ऋण के अलावा किसी ऋण राशि में समायोजन नहीं किया जा सकता. इसके लिए पहले किसान से सहमति लेनी आवश्यक है. किसान के खातों के संचालन पर भी रोक नहीं लगाई जाएगी. यदि उनके खातों से राशि काटी गई है तो उसे किसान के खाते में वापस जमा किया जाए.
Published on:
08 Mar 2022 11:57 am
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