31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एक-दूसरे के गढ़ पर निगाहें, शक्ति प्रदर्शन और उत्सवों के जरिए मतदाताओं में बढ़ा रहे पैठ

शक्ति प्रदर्शन और उत्सवों के जरिए मतदाताओं में बढ़ा रहे पैठ
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Anil Chaudhary

•

Updated: 3 Sep 2018, 8:43 AM IST

congress-BJP

congress bjp

भोपाल. चुनावी समर के द्वार पर खड़े प्रदेश में भाजपा के विधायक सार्वजनिक कार्यक्रमों में शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस नेता मेल-मिलाप के जरिए नए सिरे से जमीन तैयार कर रहे हैं। नेता हर छोटे-बड़े उत्सव को राजनीतिक रंग देकर मना रहे हैं। भाजपाई विकास कार्य गिना रहे हैं तो कांग्रेसी अधूरे वादों को तूल दे रहे हैं। इस बीच 'पत्रिकाÓ ने जिले के ऐसे 5-5 मतदान केंद्रों का जायजा लिया, जहां 2013 के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को बंपर वोट मिले थे। पत्रिका ने व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं, नौकरीपेशा सहित करीब 125 लोगों से बात कर हकीकत जानी। उनके प्रतिनिधि कितने खरे उतरे और कितने वादे पूरे किए। यह तस्वीर खींचने की कोशिश की कि 2018 में इन बूथों पर क्या स्थिति रहेगी।
भाजपा के सर्वाधिक मतदान वाले बूथ
बूथ क्र. 137, किलोल हाई स्कूल, शाहजहानांबाद, उत्तर भोपाल सीट
ठ्ठ 2013 में ***** और 2008 में 432 वोट मिले थे। अभी इस बार पन्ना प्रमुख नियुक्त कर दिए हैं। भाजपा नेता शौकत खान का दावा है कि योजनाओं का लोगों को लाभ मिला और वह सरकार से खुश हैं। उधर, यहां कांग्रेस विधायक आरिफ अकील लगातार सक्रिय हैं।
मुद्दे - गंदगी और खराब सड़कें।
बूथ क्र. 3, बरखेड़ा पठानी, शबरी नगर, गोविंदपुरा सीट
ठ्ठ 2013 में 667 और 2008 में 469 वोट मिले। विधायक बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय हैं। झुग्गी बस्तियों में भाजपा की चर्चा ज्यादा। भाजपा पार्षद केवल मिश्रा भी जनसंपर्क में जुटे हैं।
मुद्दे - अतिक्रमण और अनियोजित विकास।
बूथ क्र. 35, कोलार, हुजूर सीट
ठ्ठ 2013 में 811 और 2008 में 498 वोट मिले थे। विधायक रामेश्वर शर्मा पर कम सक्रिय रहने के आरोप लगते रहे हैं। भाजपा पार्षद से विवाद ने मीणा समाज को नाराज किया है। कांग्रेस नेता राहुल सिंह राठौड़ जनसंपर्क में जुटे हैं।
मुद्दे- खराब सड़कें, पेयजल की कमी।
बूथ क्र. 1 बड़वई, नरेला सीट
ठ्ठ 2013 में 797 और 2008 में 458 वोट मिले थे। राज्यमंत्री विश्वास सारंग सक्रिय हैं। भाजपा की पकड़ बरकरार है। कांग्रेस ने विश्वास यात्रा निकालकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
मुद्दे- गंदगी, टूटी सड़कें और विकास।
बूथ क्र. 130, मध्य भोपाल सीट
ठ्ठ 2013 में 773 और 2008 में 64 वोट मिले थे। विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह पकड़ बनाए हुए हैं। मुस्लिम बाहुल्य इलाका होने से कांग्रेस भी दम साध रही है, लेकिन उसका संपर्क कमजोर है।
मुद्दे - गंदगी। विकास कार्य न होना।

कांग्रेस के सर्वाधिक मतदान वाले केंद्र
बूथ क्र.- 106, दक्षिण-पश्चिम सीट
ठ्ठ 2013 में 650 और 2008 में 10 वोट मिले थे। विधायक और मंत्री उमाशंकर गुप्ता लगातार सक्रिय हैं, पर पार्टी स्तर पर टिकट बदलने की सुगबुगाहट। भाजपा के पूर्व विधायक धु्रव नारायण सिंह धार्मिक आयोजनों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस पार्षद अमित शर्मा विकास को मुद्दा बना रहे हैं।
मुद्दे - गंदगी और जर्जर आवास।
बूथ क्र.- 28, नरेला सीट
ठ्ठ 2013 में 692 और 2008 में 475 वोट मिले थे। यहां राज्यमंत्री विश्वास सारंग का प्रभाव कम है। कांग्रेस के महेंद्र सिंह ने बूथ पर मजबूती बनाए रखी है। करोंद हाउसिंग बोर्ड सोसाइटी के विकास कार्य उद्घाटन का इंतजार कर रहे हैं। सारंग पर अनदेखी के आरोप हैं।
मुद्दे - पिछड़ापन और बेरोजगारी।
बूथ क्र.- 84, गोविंदपुरा सीट
ठ्ठ 2013 में 635 और 2008 में 95 वोट मिले थे। भाजपा विधायक बाबूलाल गौर के प्रभाव के बावजूद यहां कांग्रेस का दखल ज्यादा है। बूथ के आसपास के क्षेत्र में ही विकास नहीं हुआ है। कृष्णा गौर धार्मिक और सामाजिक आयोजन में सक्रिय हैं।
मुद्दे - अतिक्रमण व खराब सड़कें।
बूथ क्र. - 103, मध्य सीट
ठ्ठ 2013 में 746 और 2008 में 65 वोट मिले थे। कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा अवैध कब्जे को लेकर सुरेंद्रनाथ को घेर रहे हैं। भाजपा में सुरेंद्रनाथ सिंह को बदलने की चर्चा। पार्टी जिलाध्यक्षों को टिकट देना नहीं चाहती।
मुद्दे - अधूरे विकास कार्य।
बूथ क्र.- 165, उत्तर सीट
ठ्ठ 2013 में 996 और 2008 में 564 वोट मिले थे। ये क्षेत्र मुस्लिम बाहुल्य है। कांग्रेस को लेकर बेहतर रुझान है। भाजपा से महापौर आलोक शर्मा की दावेदारी की चर्चा है। कांग्रेस के आरिफ मसूद भी रैलियां कर रहे हैं।
मुद्दे - क्षेत्र का पिछड़ापन।
&मैंने अपनी विधानसभा में पूरे कार्यकाल में सक्रियता से जिम्मेदारी का निर्वहन किया। लोगों को मुझसे कोई शिकायत नहीं है। इस बार भोपाल की सभी सीटों पर जीत रहे हैं।
सुरेंद्रनाथ सिंह, जिला
अध्यक्ष, भाजपा
&भाजपा के प्रति लोगों में नाराजगी है। भाजपा विधायकों ने काम नहीं किया, सरकार ने भोपाल जिले को अफसरशाही के हवाले कर रखा है। जनता कांग्रेस को चुनेगी।
कैलाश मिश्रा, जिला
अध्यक्ष, कांग्रेस