3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Weather News: बंगाल की खाड़ी में फिर बना चक्रवात, 3 दिन बाद 13 जिलों में लगेगी झमाझम झड़ी

पूर्वी मप्र में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं....

2 min read
Google source verification
ambaaa.jpg

Weather forecast

भोपाल। शहर में बीते दो दिनों से बादलों का आना-जाना लगा हुआ है। हालांकि लोगों को तेज धूप से राहत मिली है। मौसम विभाग का कहना है कि 29 अगस्त को जबलपुर, मंडला सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के कई शहरों में भारी बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवात बनने की संभावना है। ट्रफ लाइन भी दक्षिणी हिस्से में आ सकती है। इसका असर हमारे यहां मौसम पर पड़ेगा।

फिर से सक्रिय होगा मानसून

इन सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक शुक्रवार से पूर्वी मप्र में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। वहीं बीते 24 घंटों के दौरान गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक उमरिया में 31.8, मलाजखंड में 4.3, खजुराहो में चार, भोपाल में 3.3, सतना में दो, टीकमगढ़ में दो, नौगांव में 1.4, रतलाम में एक मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। जबलपुर में बूंदाबांदी हुई।

जारी की गई चेतावनी

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 24 घंटों में रीवा एवं शहडोल संभागों में बारिश हो सकती है। साथ ही सागर, जबलपुर, भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर एवं चंबल संभागों के जिलों में तथा बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, नीमच एवं मंदसौर जिलों में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने की संभावना है।

सूखे की चपेट में आ सकते हैं कई जिले

इस समय पिछले 2 दिन में कैचमेंट एरिया में हुई बारिश के कारण भोपाल में बड़े तालाब के जलस्तर में 0.10 फीट का इजाफा हुआ है। बड़े तालाब का लेवल 1662. 10 फीट से बढ़कर 1662.25 फीट हो गया है। हालांकि पूरे मध्यप्रदेश में कुछ जिलों में सूखे के हालात बन सकते हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ है कि अगर आने वाले एक पखवाड़े में बारिश नहीं होती है तो प्रदेश के करीब 14 जिले ऐसे हैं जो सूखे की चपेट में आ सकते हैं।

पूरे मध्यप्रदेश में अब तक 685.5 मिलीमीटर बारिश हुई है. सामान्य बारिश का आंकड़ा 708.7 मिलीमीटर है. इस लिहाज से अब तक प्रदेश में सामान्य से 3 फीसदी कम बारिश हुई है। प्रदेश के 14 जिले ऐसे हैं जहां 20 से 43% तक सामान्य से कम बारिश हुई है।