5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Malegaon Blast Case: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की बढ़ीं मुश्किलें, एनआईए ने लगाई फटकार

Malegaon Blast Case : भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं, अब विशेष एनआइए कोर्ट मुंबई ने उन्हें फटकार लगाते हुए उनसे हेल्थ रिपोर्ट मांगी हैं, पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
Google source verification
sadhvi_pragya_thakur.jpg

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर की बढ़ी मुश्किलें।

Malegaon Blast Case 2008 : मालेगांव बम विस्फोट मामले में सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) की मुश्किलें अब और बढ़ सकती हैं। विशेष एनआइए कोर्ट (NIA Court) मुंबई (Mumbai) ने भोपाल सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को फटकार लगाई है। कोर्ट ने मुंबई एनआइए टीम को भोपाल एनआइए टीम से संपर्क कर स्वास्थ्य का भौतिक सत्यापन कराने को कहा है। कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही बुधवार के लिए छूट की अनुमति दी है। वहीं कोर्ट ने एनआइए को 8 अप्रेल 2024 को स्वास्थ्य रिपोर्ट पेश करने को कहा है...

बता दें कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर महाराष्ट्र के मालेगांव बम धमाके (Malegaon Blast Case 2008) को लेकर कोर्ट नहीं पहुंच रही हैं। उनकी अनुपस्थिति पर नाराज कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई है। अब विशेष अदालत ने सांसद साध्वी प्रज्ञा के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट मांगी है और 8 अप्रैल तक कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है।


दरअसल सांसद प्रज्ञा ठाकुर (Pragya Thakur) ने अपने वकील के माध्यम से सेहत खराब होने का हवाला देकर अदालत में पेशी से छूट मांगी थी। बुधवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भाजपा सांसद साध्वी के वकील ने कोर्ट में आवेदन पेश कर दावा किया कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सर्वाइकल-स्पॉन्डिलाइटिस और माइग्रेन से जूझ रही हैं। उनकी हालत नियंत्रण से बाहर है और वे डॉक्टर की सलाह पर भोपाल में अपने घर पर इलाज करा रही हैं।

29 सितंबर 2008...उत्तरी महाराष्ट्र में मुंबई से करीब 200 किलोमीटर दूर मालेगांव शहर में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर विस्फोट होने से 6 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर भी इस मामले में आरोपी हैं। 2011 में एनआईए को केस ट्रांसफर होने से पहले महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते ने शुरुआत में मामले की जांच की थी। इस समय राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कोर्ट वर्तमान में सीआरपीसी के तहत आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है।