
बेरोजगार युवा बनेंगे किसानों के लिए खाद दूत, क्या है पूरी योजना.. देखें क्या मिलेगा लाभ!
भोपाल। चुनावी साल में किसानों को रिझाने के लिए सरकार नई योजना शुरू करने जा रही है। वह खाद भंडारण की समस्या से निपटने के लिए 4500 मार्कफेड समृद्धि खाद विक्रय केंद्र खोलेगी। इन केंद्रों में ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगारों और शिक्षित बेरोजगार किसानों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लोन दिलवाकर खाद दूत बनाया जाएगा। इससे बेरोजगारी की समस्या का भी समाधान निकाला जाएगा। इन केंद्रों से किसानों को सहकारी दर पर यूरिया, डीएपी, पोटास आदि बेचा जाएगा। ये केंद्र पंचायत स्तर पर खोले जाएंगे। हर पंचायत में करीब 100 टन खाद की आवश्यकता है, लेकिन इतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
भंडारण की समस्या से छुटकारा
किसानों को इन विक्रय केंद्रों से आसान तरीके से खाद उपलब्ध कराने की योजना है। मार्कफेड के पास करीब 12 लाख टन खाद भंडारण की क्षमता है, जबकि किसानों को एक सीजन में 23-24 लाख टन खाद की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन खाद केंद्रों के जरिए भंडारण की समस्या से निपटा जा सकेगा। ये केंद्र खुलने के बाद मार्कफेड पर भंडारण का दबाव कम हो जाएगा। इन केंद्रों से बिना आधार नंबर के खाद नहीं दिया जाएगा।
पांच साल में 10 लाख आय का अनुमान
खाद दूत को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में शामिल कर बैंकों से लोन दिलवाया जाएगा। एक केंद्र पर 4.10 लाख रुपए का खर्च आएगा। इसमें से 80 हजार रुपए खाद दूत को लगाना होगा। 2.21 लाख रुपए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से लोन और एक लाख रुपए अनुदान मिलेगा। खाद दूत को पहले साल 1.76, दूसरे साल 1.92, तीसरे में 2.9 लाख, चौथे में 2.26 लाख और पांचवे साल में 2.25 लाख रुपए की शुद्ध आय का अनुमान है। पांच साल में 10.28 लाख की आय होने का अनुमान है।
ऐसे होगा काम
- ग्रामीण क्षेत्रों के बीएससी-एग्रीकल्चर, बीएससी केमिस्ट्री वाले बेरोजगार युवाओं को खाद बेचने के लिए लाइसेंस दिया जाएगा।
- खाद दूत के जरिए किसानों की समस्याओं का जायजा लिया जाएगा।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, नगरीय विकास एवं आवास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग, पंचायत एवं ग्रामीण, आदिम जाति कल्याण, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को चुनाव से पहले खाद केंद्र खोलकर खाद दूत बनाने के अलग-अलग टारगेट दिए गए हैं।
गुजरात फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन से एमओयू हुआ है। उसके उत्पाद इन समृद्धि खाद केंद्रों से बेचेंगे, जिससे दोनों का बिजनेस बढ़ेगा।
-पीके सिद्धार्थ, सचिव, मार्कफेड
Published on:
28 May 2018 07:02 pm
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