
Meeting of 6 BJP leaders to wrest the Congress Rajya Sabha seat- File pic
Rajyasabha Chunav- मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट पर जबर्दस्त लड़ाई चल रही है। दोनों दलों, बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। अपनी अपनी जीत के दावे भी किए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हम तीसरी सीट भी जीतेंगे, ऐसा पूर्ण विश्वास है। इधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा खरीद-फरोख्त और दबाव की राजनीति कर रही है। राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन के समय कांग्रेस नेताओं ने लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी' के नारे भी लगाए। इस बीच बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व अपने उम्मीदवार महेश केवट की जीत की रणनीति पर लगातार मंथन कर रहा है। तीसरी सीट पर जीत के लिए करीब 10 विधायक चाहिए। सीएम मोहन यादव व प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित शीर्षस्थ 6 नेता इस'मिशन-टेन' में जुटे हैं। कई बैठकों और कुछ कांग्रेस विधायकों से संपर्क के बाद ही बीजेपी ने तीसरा उम्मीदवार उतारने का दांव चला है।
महेश केवट के नामांकन के बाद मीडिया से बातचीत में सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीट जीतने का दावा किया। उन्होंने कहा, प्रभु श्रीराम ने निषादराज को गले लगाकर सम्मान देने का कार्य किया था। भाजपा ने प्रभु श्रीराम की परंपरा को बढ़ाते हुए महेश केवट को प्रत्याशी बनाया है।
बीजेपी का तीसरी सीट पर जीत का दावा यूं ही नहीं किया जा रहा। सीएम मोहन यादव और अन्य शीर्ष नेता इसके लिए काफी दिनों से तैयारी में लगे थे। रविवार को बीजेपी ने अपनी कवायदों को कार्यरूप में परिणित करते हुए प्रत्याशी घोषित कर दिया।
कांग्रेस की सीट छीनने के लिए मुख्यत: 6 नेताओं ने बिसात बिछाई। बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, मध्यप्रदेश के प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सीएम मोहन यादव, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष पीडब्लूडी मंत्री राकेश सिंह और वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा की कई बार बातचीत और बैठकें हुईं।
कांग्रेस के ऐसे विधायक छांटे गए जो बीजेपी के उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग कर सकते हैं। ऐसे करीब एक दर्जन नामों की सूची तैयार की गई। सूत्रों के अनुसार कुछ विधायकों से संपर्क भी किया गया। पूरी तस्दीक के बाद ही बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व को जीत का प्लान बताया गया। अनुमति मिलते ही प्रदेश नेताओं ने 'मिशन-टेन' को अंतिम रूप देते हुए सर्वसम्मति से महेश केवट को प्रत्याशी चुन लिया।
सोमवार सुबह भी प्रदेश मुख्यालय में सीएम, प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं ने मंथन किया। इसके बाद ही दोपहर दो बजे महेश केवट को दही खिलाकर नामांकन जमा करवाया गया।
Updated on:
09 Jun 2026 09:13 am
Published on:
09 Jun 2026 08:07 am
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