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MP में स्ट्रीट डॉग्स पर लगेगी ‘माइक्रोचिप’, चावल के दाने जितना होगा साइज

MP News- आवारा कुत्तों की नसबंदी में लापरवाही रोकने के लिए माइक्रोचिप लगाई जाएगी। दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर काम किया जाएगा।

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भोपाल

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Akash Dewani

Aug 11, 2025

CG News: शहर में कुत्तों की देखभाल का नया प्लान! हर जोन में 7 फीडिंग जोन, अलग रखे जाएंगे खूंखार कुत्ते...(photo-patrika)

CG News: शहर में कुत्तों की देखभाल का नया प्लान! हर जोन में 7 फीडिंग जोन, अलग रखे जाएंगे खूंखार कुत्ते...(photo-patrika)

Microchip on Stray Dogs- डॉग बाइट की घटनाओं को नियंत्रित करने में भोपाल नगर निगम ने प्रदेश में सबसे बेहतर काम किया है। नेशनल हेल्थ मिशन की रिपोर्ट के अनुसार 2024 में भोपाल में डॉग बाइट के 19285 मामले दर्ज किए गए है। इसका औसत सिर्फ 0.8 प्रतिशत रहा। 30 जून 2025 तक डॉग बाइट का औसत 0.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है, यह देशभर में सबसे कम है। यह रिपोर्ट राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जारी की गई है।

स्टरलाइजेशन करने वाली संस्थाओं पर निगरानी

दिल्ली नगर निगम की तर्ज पर भोपाल में भी नसबंदी किए डॉग्स की गर्दन में माइक्रोचिप्स लगाने की योजना है। इससे स्ट्रे डॉग के स्टरलाइजेशन में लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं पर नकेल कसी जा सकेगी। चावल के दाने जितनी बड़ी इस चिप में डॉग की यूनिक आइडी सहित उसका पूरा बायोडेटा होता है। एक क्लिक से यह पता चलता है कि डॉग का स्टरलाइजेशन किस संस्था ने कब किया गया। डॉग की यूनिक आईडी वाली माइक्रोचिप डॉग के गर्दन में पीछे लगती है। (MP News)

क्या होगा माइक्रोचिप में?

माइक्रोचिप में डॉग का पूरा बायोडेटा होता है। डॉग को कहां से पकड़ा, किस स्टरलाइजेशन सेंटर में ले जाया गया। सर्जरी कब हुई और माइक्रोचिप लगाने वाले डॉक्टर का क्या नाम है। डॉग मेल है या फीमेल यह सब जानकारियां माइक्रोचिप में दर्ज होंगी। इससे नसबंदी में होने वाला भ्रष्टाचार रुकेगा।

बनाई गई प्लानिंग

जानकारी के अनुसार भोपाल प्रदेश का पहला जिला है, जिसने डॉग बाइट की घटनाओं को रोकने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। कार्य योजना के तहत जनवरी 2024 से जून 2025 तक हर माह डॉग बाइट की घटनाओं की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी में हर साल 22 हजार डॉग्स नसबंदी की गई है।