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पलायन करने वाले मजदूरों के लिए MP सरकार का बड़ा ऐलान! झुग्गियों में नहीं काटनी पड़ेगी रात

MP News: सरकार ने रैन बसेरा योजना 2026 लागू कर दी है, जिसके तहत न्यूनतम शुल्क पर आवास, भोजन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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भोपाल

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Akash Dewani

Mar 02, 2026

mohan government announced rain baseras in every village city for migrant laborers MP News

rain baseras in every village city of mp for migrant laborers (Patrika.com)

MP News:प्रदेश में विकास गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अब निर्माण श्रमिकों के लिए जरूरत के अनुसार रैन बसेरा बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार मंडल में पंजीकृत और परिचय पत्र वाले निर्माण श्रमिक पूरे प्रदेश में जहां भी काम करने जाएंगे, वे इस रैन बसेरा में न्यूनतम शुल्क चुकाकर रह सकेंगे। वहां उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी रहेगी। इससे काम के सिलसिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने पर श्रमिकों को परेशानी नहीं होगी। इसके साथ अवैध झुग्गियां भी कम बनेगी।

यह सुविधा ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिका स्तर पर उपलब्ध होगी। मंडल इसके निर्माण के लिए राशि देगा। सरकार ने अभी तक इस संबंध में बनाए गए सभी नियमों और योजनाओं को खत्म करते हुए अब निर्माण श्रमिक रैन बसेरा योजना 2026 लागू करने का निर्णय लिया है। इसका श्रम विभाग ने गजट नोटिफिकेशन कर लागू कर दिया है। यह योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी।

रैन बसैरा के लिए 50 लाख तक की राशि

योजना के लिए जारी नियमों में बताया गया है कि रैन बसेरों के लिए ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर पालिका मुख्यालय क्षेत्र में क्षमतानुसार शासकीय जमीन की व्यवस्था की जाएगी। चयनित जमीन के श्रम विभाग के नाम आवंटन की प्ररि या संबंधित सहायक अमायुक्त मा जिला अम अधिकारी करेंगे। रैन बसेरा निर्माण के लिए भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल द्वारा नगर पालिकाओं को 50 लाख, नगर परिषद, नगर पंचायतों को 30 लाख और ग्राम
पंचायतों को 15 लाख रुपए दिए जाएंगे।

इससे अधिक राशि होने पर उसका बहन संबंधित निकाय या पंचायत द्वारा किया जाएगा। इस राशि से भवन निर्माण भवन सज्जा सीसीटीवी, फर्नीचर, अलमारी, पलंग बिस्तर व लॉकर आदि की व्यवस्था की जाएगी। कितने लोगों के रहने की व्यवस्था होगी इसका निर्धारण जरूरत के अनुसार होगा। जिला स्तरीय समिति यह भी देखेगी कि वहां पहले से कोई रैन बसेरा तो नहीं है. यदि चल रहा है तो उसकी ऑक्यूपेंसी का प्रतिशत कितना है।

समिति तय करेगी शुल्क रैन बसेरा में रहने के लिए जिला स्तरीय

समिति द्वारा प्रति रात्रि हेतु उपयोग शुल्क का निर्धारण किया जाएगा। यह शुल्क इस प्रकार निर्धारित किया जाएगा कि श्रमिकों के लिए सुलभ और न्यायसंगत हो. और रखरखाव व संचालन में भी सहायक हो सके। रैन बसेरा में वाणिज्यिक दुकानों के लिए भी स्थान आरक्षित किया जा सकता हैं। इन दुकानों को किराए पर देकर या लीज पर चलाकर राजस्व उत्पन्न किया जाएगा। इस प्रकार प्राप्त राशि से ही अमिक विश्राम गृह के बिजली. पानी, साफ-सफाई आदि की व्यवस्थाएं कराई जाएंगी। इसके लिए मंडल अलग से राशि नहीं देगा। जिला स्तरीय समिति ही रखरखाव और संचालन का काम करेगी।

महिला व पुरुषों के लिए अलग व्यवस्था

इन रैन बसेरों में महिला एवं पुरुषों के उपयोग के लिए अलग-अलग दो डोरमेट्री, भौजन करने तथा बनाने के लिए स्थान एवं अलग-अलग बाथरूम और टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी। महिला श्रमिकों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रैन बसेरा के स्टाफ के लिए भी एक कमरा अलग से बनाया जाएगा।