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MP Assembly Election 2023: हारी सीटों को जीतने भाजपा ने खेली ये नई चाल, मैदान में उतारे सात पूर्व मंत्री

भाजपा ने हारी सीटों को जीतने के लिए दूसरी सूची में जहां तीन केंद्रीय मंत्रियों व सात सांसदों सहित आठ दिग्गज नेता उतारे थे, तो वहीं अब

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भाजपा ने हारी सीटों को जीतने के लिए दूसरी सूची में जहां तीन केंद्रीय मंत्रियों व सात सांसदों सहित आठ दिग्गज नेता उतारे थे, तो वहीं अब पांचवीं सूची में अलग प्रयोग करते हुए सात पूर्व मंत्रियों को उतारा है। इनमें माया सिंह व सूर्यप्रकाश मीणा की ऐसी एंट्री की गई है, जिन दोनों का पिछली बार टिकट काट दिया गया था। इस बार भाजपा ने कुल 11 पूर्व मंत्री मैदान में उतारे हैं, जिनमेंं से सात हारी सीटों और चार जीती सीटों पर चुनावी जंग लड़ेंगे।

हारी सीटें वापस पाने पार्टी को इन सात पूर्व मंत्रियों से आस

सीट - प्रत्याशी

- ग्वालियर पूर्व - माया सिंह

- ग्वालियर दक्षिण - नारायण सिंह

- दमोह - जयंत मलैया वारासिवनी, प्रदीप जायसवाल

- बुरहानपुर - अर्चना चिटनीस

- खरगोन - बीके पाटीदार

- सेंधवा - अंतर सिंह

जीती सीटों पर इन चार पूर्व मंत्रियों को टिकट

66 जीती सीटों में चार पूर्व मंत्री को टिकट दिया है। इनमें सुरेंद्र पटवा, हरीशंकर खटीक, सूर्यप्रकाश मीणा, महेंद्र हार्डिया शामिल हैं।

ऐसे समझें सीटों का गणित

27 हारी सीटें भाजपा के टिकट के लिए बची थीं। इनमें से सात पर पूर्व मंत्री हैं। ग्वालियर पूर्व पर भाजपा से कांग्रेस में जाकर विधायक बने सतीश सिकरवार हैं, जिनसे सीट वापस जीतने बड़े चेहरे के तौर पर माया सिंह को उतारा है। श्मशाबाद से सूर्यप्रकाश मीणा का टिकट भी पिछली बार कटा था, लेकिन वह सीट भाजपा ही जीती थी। इस बार इस सीट पर राजश्री रूद्रप्रताप सिंह का टिकट काटकर सूर्यप्रकाश को उतारा गया है। वहीं ग्वालियर दक्षिण भी पिछली बार भाजपा से फिसलकर पिछली बार कांग्रेस के प्रवीण पाठक के पास गई थी, उनके सामने फिर नारायण सिंह कुशवाह को उतारा है। दमोह पर जयंत मलैया को टिकट दिया है। यह सीट उपचुनाव में कांग्रेस से भाजपा में आए राहुल सिंह हार गए थे। इस हार के पीछे मलैया परिवार का विरोध व बगावत थी, इसलिए अब जयंत मलैया को ही टिकट दिया गया है।

रंजना बोलीं- कैलाश ने मेरा टिकट कटवाया

भोपाल. पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने टिकट न मिलने का जिम्मेदार पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को ठहराया है। कहा कि मैं तीस साल से काम कर रही हूं। आठ साल से दूध से मक्खी की तरह निकाल रखा है। मैंने डॉ. आनंद राय का विरोध किया था, वो जयस के खिलाफ बोलते थे तो विरोध किया। वो कैलाश विजयवर्गीय से मिला हुआ है। कैलाश ने मेरा विरोध कर दिया, इसलिए मेरा टिकट कटा। कैलाश विजयवर्गीय ने ही कटवाया।

सिख को मौका नहीं

कांग्रेस ने इस बार सिख समाज के किसी भी व्यक्ति को टिकट नहीं दिया। इससे नाराजगी है, जबकि भाजपा ने हरदीप सिंह डंग को टिकट दिया है। कांग्रेस के रुख को देखते हुए प्रदेश सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अगर कांग्रेस ने समाज के व्यक्ति को टिकट नहीं दिया तो इस विधानसभा चुनाव सिख समाज कांग्रेस को हराने का कार्य करेगा।

मैं नारियल लेकर तो कमलनाथ ताला लेकर चलते हैं : शिवराज

भोपाल. सीएम शिवराज सिंह ने कहा है कि मैं नारियल लेकर चलता हूं, लेकिन कमलनाथ तो ताला लेकर चलते हैं। वो ताला सरकार आने पर जो भाजपा सरकार की योजनाएं हैं, उनको बंद करके डाल देते हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्किाकार्जुन खरगे ने मप्र कांग्रेस की फ्रेंचाइजी कमलनाथ को दे दी है। वे मर्जी से फ्रेंचाइजी चला रहे हैं।

नाथ बोले- भाजपा के पास न सीएम चेहरा है, न विधायकों का

भोपाल. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है, भाजपा की पांचवीं सूची ने स्पष्ट कर दिया कि भाजपा नेतृत्वहीन होने के साथ ही दिशाहीन भी हो चुकी है। पार्टी ने हार का ठीकरा फोडऩे कुछ पुराने और नए नाम सामने कर दिए हैं। अब न भाजपा के पास मुख्यमंत्री का चेहरा है और ना ही विधायकों का चेहरा।

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