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पाकिस्तान के नहीं, अब भारत के हैं समीर और संजना, बोले- ‘वहां कॉलेज जाना भी मुश्किल’….

MP CAA: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पाकिस्तान से 2012 में आए समीर व संजना और बांग्लादेश की राखी दास को CAA के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र दिया।

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MP CAA

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MP CAA: पाकिस्तान से आए समीर व संजना सेलवानी और बांग्लादेश से आई राखी दास भारतीय नागरिक हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट (सीएए) के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र दिए। सीएम बोले-वहां तीनों संघर्ष करते रहे।

चाहते तो मुश्किलों से डरकर धर्म बदलकर रह सकते थे, पर ऐसा नहीं किया। मप्र सरकार ऐसे परिवारों का स्वागत करेगी। मदद करेगी। समीर और संजना के पिता पाकिस्तान में रह रहे थे। 2012 में भारत आए। मई में सीएए के तहत आवेदन किया। राखी ने भी नागरिकता मांगी थी।

पहले की सरकार ने नहीं की चिंता

सीएम ने कहा, 1947 के पहले तत्कालीन सरकार ने कहा था हम देश में अल्पसंख्यकों की चिंता करेंगे। इस भरोसे से हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, ईसाई, पारसी भारत के पूर्व हिस्से बांग्लादेश, पाकिस्तान व अफगानिस्तान में रह गए थे। बाद में उन्हें भारत आने से मना कर दिया। पीएम मोदी ने नागरिकता संबंधी कठिनाई दूर अखंड भारत की याद दिलाई।

लालघाटी के मेलवानी परिवार में खुशिया

लालघाटी के ओम शिव नगर की समीर मेलवानी और संजना मेलवानी को भारत की नागरिकता मिलने पर परिवार में खुशियां छाई हुई हैं। परिवारजनों ने कहा-नागरिकता के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। अब सपना पूरा हुआ। संजना और समीर ने कहा- अब हम भी पढ़ाई के लिए बाहर जा सकेंगे, साथ ही भारत के नागरिक कहलाएंगे। संजना ने इसी वर्ष 12 वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जबकि, समीर 9 वीं क्लास का स्टूडेंट है।


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गुजरात से किया आवेदन, दो माह में मिली नागरिकता

संजना के पिता प्रदीप मेलवानी ने बताया कि वे सिंध प्रांत के रहने वाले हैं। 2012 में भोपाल में आकर बसे। उन्हें नागरिकता मिली थी, लेकिन बच्चों को नहीं। मई में गुजरात घूमने के गए थे। वहां एक शिविर लगा था, जहां से जानकारी के बाद अप्लाई किया और बच्चों को नागरिकता मिल गयी।