
भोपाल। मध्यप्रदेश के नागरिकों की शिकायतें सुनने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 कॉल सेंटर की शुरूआत की थी। सरकार ने प्रदेश के नागरिकों को भरोसा दिलाया था कि अब नगरिकों की हर समस्या का निराकरण जल्द होगा और आम नागरिकों अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लेकिन मिली जानकारी के मुताबिक खबर है कि सीएम के शिकायत हेल्पलाइन में करीब 3 लाख शिकायतें अभी लंबित है। जानकारों का मानना है कि यदि ऐसे ही लापरवाही होती रही तो आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में सरकार को इसके परिणाम भोगने होंगे।
3 लाख से ज्यादा शिकायतें लंबित
मिली खबर के मुताबिक अब तक 3 लाख से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं। आ रही शिकायतों पर अधिकारी का भी कोई ध्यान ही नहीं है। मध्यप्रदेश के नागरिक इस लापरवाही से चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज से नाराज हैं। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इन तीन लाख शिकायतों पर फीडबैक लेकर उनका निराकरण करने के मूड है।
इसी के चलते शिकायतों पर फीडबैक लेने का काम निजी कंपनी आउट बाउंड कॉल सेंटर के माध्यम से किया जा रहा है। अब तक सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करने वाली कंपनी ही फीडबैक लेती थी। लेकिन अब इन शिकायतों के फीडबैक लेने का काम दूसरे कंपनी के हाथों दिया जा रहा है।
सरकार नहीं दे रही ध्यान
वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार प्रदेश के किसानों और आम नागरिकों की नहीं सुन रहा है। सीएम हेल्पलाइन नंबर 181 में लाखों की सख्या में आए शिकायतों का जल्द निराकरण करना चाहिए। वर्तमान में सीएम हेल्पलाइन श्योरविन कंपनी का कॉल सेंटर संभाल रही है।
कॉल सेंटर में कंपनी के तकरीबन 460 कर्मचारी प्रदेशभर से आने वालीं शिकायतें दर्ज करते हैं और इन्हें 21 हजार रुपए का प्रति सीट भुगतान किया जाता है। शिकायतें सुनने के लिए कंपनी को प्रति माह करीब एक करोड़ रुपए का भुगतान हो रहा है। कंपनी के जिम्मे शिकायतों की सुनवाई के बाद फीडबैक का जिम्मा भी रहता है।
Published on:
09 Mar 2018 03:08 pm
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