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CM शिवराज बोले ‘सरकार अफसरों की नहीं किसानों के लिए है, अब जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं होगा’

p farmersराजधानी भोपाल में मंगलवार सुबह होते ही किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। शहर के एमवीएम कॉलेज में एकत्रित किसान नेता और किसानों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस बीच वहां पहुंचे सीएम ने किसान मंच की कई मांगों को मानते हुए उन्हें मनाया और कहा... जानने के लिए यहां पढ़ें पूरी खबर

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CM शिवराज बोले 'सरकार अफसरों की नहीं किसानों के लिए है, अब जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं होगा'

CM शिवराज बोले 'सरकार अफसरों की नहीं किसानों के लिए है, अब जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं होगा'

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमवीएम कॉलेज में पहुंचे मध्यप्रदेश के हजारों किसानों का उग्र रूप देख मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी वहां पहुंच गए और किसानों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 'किसान आए और मामा न आए ऐसा हो ही नहीं सकता। सरकार अफसरों के लिए नहीं किसानों के लिए है। वल्लभ भवन में बैठे अफसरों से पूछो तो कहते है कि सब ठीक चल रहा है। लेकिन किसान संघ सही समय पर सही स्थिति और समस्या रखता है।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 'आज कई मुद्दों पर किसान मंच के साथ बैठक हुई। अब हर तीन महीने में किसान मंच की बैठक होगी।'

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 2023 विधानसभा चुनाव को एक साल से भी कम का समय बचा है। इससे पहले किसानों ने सरकार के खिलाफ भोपाल में शक्ति प्रदर्शन किया। आरएसएस के अनुषांगिक संगठन भारतीय किसान संघ ने किसानों को मोतीलाल नेहरू ग्राउंड पर एकत्रित किया। यहां किसानों और पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी किसानों के कार्यक्रम में पहुंच गए। उन्होंने किसानों की मांगों को लेकर बड़े ऐलान किए तो, कई मांगों पर आश्वासन देकर उन्हें मनाने की कोशिश की।

किसान बोले सरकार की प्राथमिकता किसान नहीं
पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं है। मध्य प्रदेश का किसान सुखी नहीं दुखी है। यह दुर्भाग्य है। यह यहां की सरकार का निकम्मापन है। उन्होंने कहा कि यह गैर राजनीतिक संगठन है। जो किसानों का हक मांगने आया है। भीख मांगने नहीं आया है। किसान मंच पर पदाधिकारियों ने किसानों को लेकर किए जा रहे काम में छत्तीसगढ़, उड़ीसा और तेलंगाना सरकार की तारीफ की।

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इन मुद्दों पर निकली किसानों की भड़ास
भारतीय किसान संघ ने सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के साथ ही समय पर ट्रांसफार्मर न बदलने, बिजली के भारी भरकम बिल आने, पर्याप्त खाद न मिलने समेत कई मांगों को उठाया। आपको बता दें कि यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का अनुषांगिक संगठन है।

सीएम शिवराज ने किसानों को दिया आश्वासन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसान आएं और मामा न आए ऐसा हो ही नहीं सकता। सरकार अफसरों के लिए नहीं किसानों के लिए है। वल्लभ भवन में बैठे अफसरों से पूछो तो कहते हैं कि सब ठीक चल रहा है। लेकिन किसान संघ सही समय पर सही स्थिति और समस्या रखता है।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 'आज कई मुद्दों पर किसान मंच के साथ बैठक हुई। अब हर तीन महीने में किसान मंच के साथ बैठक होगी। किसानों से जबरदस्ती जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। किसानों की सहमति से ही अधिग्रहण होगा। यह यूनिवर्सल है पूरे प्रदेश में लागू होगा।

कमलनाथ पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक सरकार बीच में आई थी। उसकी कर्ज माफी के कारण किसान डिफॉल्टर हो गए। हम उन किसानों के कर्ज का ब्याज भरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री खेत सड़क योजना फिर से लागू करेंगे। बलराम तालाब योजना पर आपके साथ बैठक कर विचार करेंगे। गन्ना किसानों को बकाया देने के लिए मील मालिकों से चर्चा करेंगे। ट्रांसफार्मर को 24 घंटे में सुधारा जाएगा। नहरों की मरम्मत की जाएगी।

पीएम सम्मान निधि में नाम फिर से जोड़ो
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सिंचाई के समय ट्रांसफार्मर पर लोड होता है, जल जाते हैं। वहां अलग से ट्रांसफार्मर रखे जाएंगे। पीएम सम्मान निधि और मुख्यमंत्री सम्मान निधि में छूटे नामों को फिर से जोड़ा जाएगा। राजस्व शिविर और बिजली समस्या के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व की जमीन पर जिनके पुराने कब्जे हैं। उन किसानों को पट्टा दिया जाएगा। चाहे वो किसी भी वर्ग का किसान हो।'