
MP Congress Surrounded pm modi on bharat america trade deal(photo:patrika)
MP Congress on Bharat America Trade Deal: किसान महाचौपाल में कांग्रेस नेताओं ने जहां अमरीका से हुए व्यापारिक समझौते के दुष्प्रभाव बताए वहीं सरकारी नीतियों और जिम्मेदारों पर भी आरोप लगाए। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, यह भारत-अमरीका के बीच समझौता नहीं है, बल्कि पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच की डील है। उन्होंने कहा, इस डील के संबंध में प्रदेश के पूर्व सीएम और वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने किसानों को अमरीका से बचा लिया। लेकिन ऐसे बचाया कि अमरीका के कृषि उत्पाद जीरो प्रतिशत टैरिफ पर आएंगे और हम 18% देकर खरीदेंगे।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, कांग्रेस ने 1965-66 में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की बात की, लेकिन मोदी सरकार किसानों के विरोध के बावजूद एमएसपी पर ध्यान नहीं दे रही है। कांग्रेस ने किसानों का कर्ज भी माफ किया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा, अशोक सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, सह प्रभारी संजय दत्त, सीडब्ल्यूसी सदस्य कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, अजय सिंह, अरुण यादव आदि नेता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में पूर्व सीएम कमलनाथ (MP Congress) नहीं मौजूद रहे। इसके बारे में नेताओं के बीच चर्चा चलती रही। हालांकि उनके बेटे नकुलनाथ मंच पर मौजूद थे।
राजधानी के जवाहर चौक में किसान महाचौपाल (MP Congress) में प्रदेश भर से अन्नदाता जुटे। किसानों को ट्रेड डील से होने वाली दिक्कतों को लेकर पत्रिका ने बातचीत की। किसानों का सबसे बड़ा दर्द बिजली और खाद की किल्लत को लेकर था। किसानों ने बताया कि जब फसल को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब बिजली गुल रहती है। वहीं, खाद के लिए लंबी लाइनों के बावजूद कई बार खाली हाथ लौटना पड़ता है। फसल के दाम भी कम मिलते हैं, इससे कई बार लागत भी नहीं निकल पाती है।
भांडेर के किसान शोभाराम ने कहा, पांच बीघा जमीन में उपज लेते हैं, लेकिन बिजली नहीं मिलने से दिक्कतें होती हैं। वहीं आनंद ने पीएम सम्मान निधि की समस्या रखी। सीहोर के दौलत राम सिंह ने कहा, ढाई एकड़ जमीन पर खेती करते हैं। सिंचाई संसाधन ही नहीं मिलते। मजबूरन खेती छोड़कर मजदूरी कर रहे हैं। रायसेन से आए बंशीलाल जाटव ने बताया कि वे छोटे किसान हैं। कम जमीन है, उसमें जो फसल और सब्जी लगाते हैं कई बार उससे उपज की लागत ही नहीं निकल पाती है। खाद भी महंगी हो गई है।
Published on:
25 Feb 2026 10:49 am
