
हुजूर विधानसभा
2008 में भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से परिसीमिन के बाद हुजूर विधानसभा अस्तित्व में आई। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के जितेंद्र कुमार डागा विधायक बने। वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने रामेश्वर शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा। वहीं कांग्रेस ने राजेंद्र मंडलोई पर भरोसा जताया था। शर्मा ने इस चुनाव में मंडलोई को 59604 मतों से हराया था। वर्ष 2018 में भी भाजपा ने रामेश्वर शर्मा पर भरोसा जताया जोकि जीतकर विधायक बने। एक बार फिर वे ही बीजेपी के प्रत्याशी बनाए गए हैं। हुजूर विस क्षेत्र तीन हिस्सों में बंटा हैं, तीनों इलाकों की समस्याएं अलग-अलग हैं। यहां प्रत्याशियों को कैचमेंट विवाद, पानी समस्या और मर्जर विवाद से जूझना होगा।
हुजूर में गांवों की संख्या अधिक है। ग्रामीण बहुल इस सीट में कैचमेंट, मर्जर विवाद के अलावा पानी की समस्या, खराब सड़क और सीवेज की समस्या अब तक ठीक नहीं किया गया है। 3 लाख 51 हजार 617 से ज्यादा मतदाताओं वाली इस विधानसभा में सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाके में आता है, 50 से ज्यादा पंचायतें इस विधानसभा में शामिल हैं, जिस वजह से किसानों की समस्याएं सबसे अहम हैं।
विधानसभा का नाम: हुजूर
वर्तमान विधायक: भाजपा से रामेश्वर शर्मा
मतदाता: 3 लाख 51 हजार 617
प्रमुख समस्याएं
हुजूर विधानसभा में ग्रामीण, व्यापारी और कर्मचारी के साथ-साथ स्लम निवास करती है। ग्रामीणों की समस्याओं की बात करें तो क्षेत्र में 50 से ज्यादा पंचायतें आती हैं। यहां के किसानों की सबसे बड़ी समस्या कैचमेंट की है। फसलों के उचित दाम ना मिलना, सिचांई के लिए पानी ना मिलना और भावांतर के नाम पर किसानों के साथ हो रहे धोखे से ग्रामीण नाराज हैं।
हुजूर विधानसभा सीट का तीसरा सबसे बड़ा हिस्सा कोलार का है। जहां पर कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी, छोटे व्यापारी औऱ झुग्गी बस्तियां हैं। कोलार में वॉटर लेवर नीचे होने से पानी से लिए लोगों को ज्यादा परेशान होना पड़ता है। इस इलाके में नर्मदा पाइप लाइन पहुंची है लेकिन पानी नहीं मिला रहा है।
Published on:
22 Oct 2023 09:45 am
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