
MP Government Increases Stipend for Junior Doctor
Junior Doctors- मध्यप्रदेश में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल ने आखिरकार अपना असर दिखा दिया। राज्य सरकार ने उनके स्टाइपेंड में बढ़ोत्तरी का ऐलान कर दिया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्टाइपेंड में वृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए गए। यह आदेश 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों Junior Doctors के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि की गई है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जूनियर डॉक्टर्स के हित को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया था। इसके अनुपालन में स्टाइपेंड वृद्धि का आदेश जारी किया गया है। प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत और सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टर्स को इसका लाभ मिलेगा।
प्रदेशभर के रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट और इंटर्न लंबे समय से स्टाइपेंड में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे थे। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के तत्वावधान में 9 मार्च को जूनियर डॉक्टरों ने दिनभर हड़ताल रखी। तब उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने जेडीए पदाधिकारियों से बातचीत की जिसके बाद हड़ताल 16 मार्च तक के स्थगित की गई थी। अब स्टाइपेंड वृद्धि के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत जूनियर डॉक्टरों के स्टाइपेंड में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 2.94 के आधार पर वृद्धि की गई है। जारी आदेश के अनुसार संशोधित स्टाइपेंड 1 अप्रैल 2025 से लागू किया गया है। इसके तहत पीजी प्रथम वर्ष का स्टाइपेंड 75444 रुपए से बढ़ाकर 77662 रुपए, द्वितीय वर्ष का 77764 रुपए से बढ़ाकर 80050 रुपए तथा तृतीय वर्ष का 80086 रुपए से बढ़ाकर 82441 रुपए किया गया है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इंटर्न का स्टाइपेंड 13928 रुपए से बढ़ाकर 14337 रुपए किया है। सुपर स्पेशिलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के स्टाइपेंड को भी बढ़ाकर 82441 रुपए किया है। सीनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 88210 रुपए से बढ़ाकर 90803 रुपए तथा जूनियर रेजिडेंट का स्टाइपेंड 63324 रुपए तय किया गया है।
Updated on:
13 Mar 2026 07:04 pm
Published on:
13 Mar 2026 07:04 pm
