
दरअसल एमपी सरकार ने प्रदेश 5 प्रमुख पर्यटन शहरों को सोलर सिटी बनाने की तैयारी कर ली है। इन पांच शहरों में प्रदेश की राजधानी भोपाल भी शामिल है। आपको बता दें कि शहरों में कार्बन उत्सर्जन कम कर उन्हें क्लीन के साथ ही ग्रीन सिटी बनाने की योजना तैयार की जा रही है। इसकी शुरुआत अगले दो महीनों में होने जा रही है। इस अभियान का हिस्सा बनने पर हर घर 20 साल तक फ्री बिजली का लाभ ले सकेगा...
भोपाल से होगी प्रोजेक्ट की शुरुआत
प्रदेश सरकार ने राज्य के जिन पांच शहरों को सोलर सिटी बनाने की तैयारी की है उनमें सबसे पहले राजधानी भोपाल का नाम है। यानी प्रदेश सरकार सोलर सिटी बनाने की इस योजना की शुरुआत भोपाल से करेगी। यहां 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी स्थापित की जाएगी। दरअसल भोपाल में कार्बन उत्सर्जन नियंत्रित करके क्लीन कैपीटल के साथ ही इसे ग्रीन कैपीटल बनाया जाएगा। अगले दो महीने में घरों और विभिन्न स्थलों पर सोलर पैनल लगाएं जाएंगे। भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के इस्तेमाल से यह क्षमता 285 लाख पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन सोखने की होगी।
सरकार देगी अनुदान
एक से तीन किलोवाट के घरेलू सोलर पैनल के लिए सरकारी अनुदान भी दिया जाएगा। रहवासी संघों के बीच विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोगों में प्रतिस्पर्धा जगा सकें। इससे होने वाले फायदों की भी जानकारी दी जाएगी। 20 साल तक ऐसे ले सकेंगे फ्री बिजली का लाभ आपको बताते चलें कि सोलर यूनिट लगाने की लागत पांच साल में वसूल हो जाती है। लेकिन इसके बाद अगले 20 साल तक फ्री बिजली मिल जाती है। भोपाल को ग्रीन बनाने के लिए ई वाहन, उद्योग में ग्रीन एनर्जी, वाटरबॉडी में सोलर एनर्जी, पांच स्टार रेटिंग के विद्युत उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ ही वृक्षारोपण पर भी जोर दिया गया है।
21 जोन में जागरुकता अभियान
भोपाल को सोलर सिटी बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए शीघ्र ही वातावरण निर्माण करने के लिए सभी 21 जोन में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। नागरिकों को अपने आवास की छतों सहित अन्य स्कूल, कॉलेज और शासकीय कार्यालयों आदि में भी सोलर पैनल लगवाने का अभियान चलाया जाएगा। भोपाल में 1100 मेगावाट सोलर एनर्जी के लक्ष्य को क्रमबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। अगले दो महीने में करीब 25 हजार स्थानों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। वर्तमान में राजधानी में 2000 मेगावाट बिजली की खपत होती है। नगर निगम एक सुसंगत कार्य योजना के साथ भोपाल को सोलर सिटी बनाने की तैयारी में जुट गया है।
सोलर प्लांट क्यों जरूरी
कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए लोगों को सौर ऊर्जा अपनानी चाहिए। इसीलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी है। बिजली कंपनी एक दिन में सोलर सिटी के लिए नेट मीटर लगा देगी। बिजली कंपनी की टीम नगर निगम की टीम के साथ मिलकर जागरुकता अभियान चलाएगी। वार्डों में प्रजेंटेशन देकर लोगों को इसके फायदे बताए जाएंगे।
- संजय दुबे, प्रमुख सचिव, ऊर्जा
भोपाल को देश की सबसे ग्रीन राजधानी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। नगर निगम के अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे ऊर्जा विकास निगम के अधिकारियों के साथ बैठक लें और कार्य योजना तैयार करें। इससे भोपाल को प्रदेश की सोलर राजधानी बनाने में मदद मिलेगी।
- मालती राय, महापौर
Updated on:
28 Jan 2024 11:45 am
Published on:
28 Jan 2024 11:43 am
