
MP government
MP News:एमपी सरकार मरीजों के मुफ्त इलाज के लिए शेयर बाजार से पैसे जुटाने जा रही है। टीबी और कॉक्लियर इम्प्लांट के लिए जारी होने वाले सामाजिक प्रभाव बांन्ड (सोशल इंपैक्ट बांड) के लिए जून में मप्र सरकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट कराएगी। निवेश के इस नए विकल्प के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में 20 करोड़ के प्रारंभिक फंड का इंतजाम किया था।
सामाजिक कार्यों के लिए बाजार से धन जुटाने की इस पहल का उद्देश्य किसी खास समस्या या मुद्दे को हल करने के लिए निजी सेक्टर के लोगों को शामिल करना है। इसके लिए प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सोशल इंपैक्ट बांड शुरुआत में स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय क्षेत्रों पर केंद्रित होगा।
सामाजिक प्रभाव बांड सरकारी प्राधिकरण और निवेशकों के बीच एक अनुबंध होता है, जहां सरकार बेहतर सामाजिक परिणामों के लिए भुगतान करती है और बचत के पैसों को निवेशकों के साथ साझा किया जाता है। यदि सामाजिक लक्ष्य पूरा नहीं होता तो निवेशकों को कोई भी रिटर्न नहीं मिलता। लिहाजा इसमें शामिल निवेशक या निजी सेक्टर के लोग ऐसे होते हैं, जो निवेश के रिटर्न और सामाजिक प्रभाव दोनों में रुचि रखते हैं।
एसआइबी का सोशल स्टॉक एक्सचेंज सामाजिक उद्यमों, गैर-लाभकारी संगठनों और लाभकारी उद्यमों को एक मान्यता प्राप्त एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत करने और धन जुटाने की अनुमति देता है। मप्र सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में इस प्लान को लागू करने का प्रयास किया था, लेकिन पूरा नहीं हो सका था।
राज्य सरकार ने बजट में सोशल इंपैक्ट बांड के लिए 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। बांड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया के सोशल स्टॉक एक्सचेंज सेगमेंट के माध्यम से लॉन्च किए जाएंगे। पहले चरण में सरकार ने सोशल इंपैक्ट बांड के लिए सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य विभाग शिक्षा और आदिवासी कल्याण जैसे विभागों को शामिल किया है। नशा मुक्ति केंद्र, आश्रय गृह और स्कूलों में सुधार जैसे कार्यक्रम इस बांड के जरिए शामिल किए जाने हैं।
नाबार्ड ने देश का पहला सामाजिक बॉन्ड जारी किया था। इस जरिए समाज पर सकारात्मक सामाजिक प्रभाव डालने वाली परियोजनाओं मसलन-स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, किफायती आवास, गरीबी उन्मूलन और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों के लिए धन जुटाया गया।
Published on:
11 Apr 2025 10:54 am
