15 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ा झटका, 200 स्लीपर बसें हो गईं बंद, ये है वजह

MP news: राजस्थान में बस ऑपरेटरों की बेमियादी हड़ताल जारी, हर दिन एमपी से 200 एसी, नॉन एसी स्लीपर बसें जाती हैं राजस्थान, बसें बंद होने से हजारों यात्री हुए परेशान...

2 min read
Google source verification
More than 19,000 buses on strike in MP just before Holi

More than 19,000 buses on strike in MP just before Holi

MP News: राजस्थान में बस ऑपरेटरों की बेमियादी हड़ताल ने अब मध्यप्रदेश से राजस्थान का बस के जरिए सफर तय करने वाले हजारों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रही है। दरअसल मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, सागर सहित कई शहरों से राजस्थान के लिए करीब 200 एसी और नॉन एसी स्लीपर बसें जयपुर, कोटा, जोधपुर सहित अन्य शहरों के लिए सफर तय करती है। जिसमें प्रदेश से करीब 8 हजार से 10 हजार लोग प्रतिदिन यात्रा करते है।

हड़ताल के बाद से इन बसों का अवागमन पूरी तरीके से बंद

राजस्थान में बस ऑपरेटरों की हड़ताल के बाद से इन बसों का अवागमन पूरी तरीके से बंद हो गया है। इससे अब बस में सफर तय करने वाले यात्री परेशान हो रहे है। बता दें ऑल इंडिया टूरिस्ट परिमट बस ऑपरेटर की जयपुर में हुई बैठक से यह निर्णय लिया गया है कि 31 अक्टूबर की रात 12 बजे से बसें अनिश्चितकाल के लिए नहीं चलेंगी।

प्रदेश के इन शहरों से सफर करते हैं हजारों यात्री

भोपाल, इंदौर से प्रमुख रूप से सबसे ज्यादा यात्री राजस्थान के लिए सफर तय करते हैं। भोपाल से 24 बसें रोजाना राजस्थान जाती हैं। इनमें 12 एसी स्लीपर बसें हैं। 12 नॉन एसी स्लीपर। ऐसे ही लगभग 20 गाड़ियां प्रतिदिन राजस्थान से भोपाल के लिए आती है। इसी के साथ 24 बसें इंदौर से भी जाती हैं। इसी तरह जबलपुर, सागर, आलीराजपुर, श्योपुर सहित अन्य शहरों से जयपुर, जोधपुर, कोटा, बांरा, करौली, उदयपुर सहित अन्य शहरों के लिए बसें जाती हैं।द्ध

खाटू श्याम के लिए करनी पड़ी टैक्सी

भोपाल से राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम के दर्शन करने जा रहे जितेंद्र कुमार सहित पांच लोगों को प्लान बदलना पड़ा। जितेंद्र ने बताया कि वह हर दो माह में खाटू श्याम दर्शन करने जाते हैं। अब बस नहीं होने से प्लान रद्द करना पड़ा। सभी ट्रेनों में वेटिंग चल रही है, इसलिए अब हमें प्राइवेट टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है।

हर दिन एमपी से राजस्थान जाती हैं 200 स्लीपर बसें

प्रदेश के विभिन्न शहरों से करीब 200 बसें प्रतिदिन राजस्थान जाती है। हड़ताल के कारण बहरहाल बसें नहीं चल रही हैं। यह सुविधा कब बहाल होगी इसका निर्णय संगठन द्वारा लिया जाएगा, लेकिन जिन गाड़ियों को दो-दो बार फिटनेस दिया जा चुका है। अब उन्हीं बस पर कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है।

गोविंद शर्मा, अध्यक्ष, प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन