
भाजपा के क्राइटेरिया में फिट नहीं हो रहे कांग्रेस से आए नेता, अब एडजस्ट होने की चिंता (फोटो सोर्स : @DrMohanYadav51)
MP News: संगठन में नियुक्ति कवायद को लेकर बुधवार को सीएम निवास में भाजपा सत्ता-संगठन के बीच लंबी मंत्रणा हुई। बैठक में निगम-मंडल, जिले और प्रदेश कार्यकारिणी पर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि बैठक में नियुक्तियों पर अंतिम मुहर लगाई गई है। घोषणाओं का दौर कभी भी शुरू हो सकता है। इस बीच चला-चली की बेला में दलबदलु कांग्रेसियों(MP Congress) की चिंता बढ़ने लगी है। दरअसल, पाला बदल भाजपा(MP BJP) में आने वाले कांग्रेसियों को अब एडजस्ट होने की चिंता है, उनका राजनीतिक कॅरियर दांव पर लगा है।
बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मौजूद रहे हैं। बैठक में पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी व्यापक रणनीति बनाई गई है। खासतौर पर मिट्टी के गणेश, पशुपालन में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा, 27 अगस्त को उज्जैन में धार्मिक पर्यटन, सेवा सप्ताह, रक्तदान शिविर और चिकित्सा शिविर के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई।
नियुक्तियों में सभी वर्गों और क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व के संतुलन पर विशेष ध्यान रखा गया है। जिससे आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी को पूरा लाभ मिले। सूत्रों के मुताबिक पार्टी द्वारा संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रख नामों को अंतिम रूप दिया गया है। इसमें पूर्व मंत्री, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद सहित प्रभावी चेहरों को शामिल किया है।
भाजपा(MP BJP) में नियुक्तियों की कवायद तेज हो चुकी है। इस बीच चला-चली की बेला में दलबदलु कांग्रेसियों की चिंता बढ़ने लगी है। दरअसल, पाला बदल भाजपा में आने वाले कांग्रेसियों को अब एडजस्ट होने की चिंता है, उनका राजनीतिक कॅरियर दांव पर लगा है। ऐसे में अगर नंबर नहीं लगा तो आगे का सफर खतरे वाला हो सकता है। इसलिए कई नेता अभी से ही नियुक्तियों को लेकर लॉबिंग में जुट गए हैं।
दल बदल की बयार में छिंदवाड़ा से कांग्रेस से विधायक रहे कमलेश शाह(MP Congress), महापौर विक्रम अहाके, पूर्व विधायक दीपक सक्सेना, राज्यसभा सांसद रहे सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री दीपक जोशी, रामनिवास रावत सहित भाजपा के दावे के मुताबिक कई कांग्रेसी हैं।
नियुक्तियों को लेकर भाजपा ने नया फॉर्मूला ईजाद किया। संगठन ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से पहले स्पष्ट गाइडलाइन बनाई कि ऐसे कार्यकर्ताओं को ही तवज्जो दें, जिसे पार्टी की रीति नीति का अनुभव है। इसी आधार पर पर्यवेक्षकों ने जिलों से वरिष्ठ नेताओं से नाम मांगे। नियुक्तियां इसी फॉर्मूले से हुईं तो दलबदलु कांग्रेसियों(MP Congress) का नंबर लगना मुश्किल होगा। क्योंकि इस क्राइटेरिया में 90% कांग्रेसी फिट नहीं बैठेंगे। संगठन में महत्त्व नहीं मिलने से कॅरियर भी प्रभावित होगा।
Published on:
21 Aug 2025 11:33 am
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