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बीमारी और नमाज को लेकर उठे सवाल, ‘शहर काजी’ ने बताया क्या कहता है इस्लाम?

MP News Viral Fatwa: राजधानी भोपाल में धार्मिक परंपराओं और स्वास्थ्य संबेधी परेशानियों के बीच संतुलन को लेकर फतवा सोशल मीडिया पर वायरल, फतवे में उठे एक सवाल, पेशाब टपकने की बीमारी और इमाम की नमाज को लेकर जानें क्या कहता है इस्लाम... लेकिन क्यों छिड़ा विवाद

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MP News Viral Fatwa

MP News Viral Fatwaछ सर्किल में नजर आ रहा है वायरल फतवा (photo:patrika creative)

MP News Viral Fatwa: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें धार्मिक परंपराओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच संतुलन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता की ओर से एक फतवा जारी किया गया है। ये सोशल मीडिया पर वायल हुआ तो विवाद पैदा हो गया है। इस वायरल फतवे (Viral Fatwa) में एक धार्मिक सवाल के जवाब में बीमारी की स्थिति में इमामत से जुड़ा शरई विचार यानी धार्मिक फैसला या राय बताई गई है। वहीं सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे भोपाल के शहर काजी से जोड़ रहे हैं। जबकि फतवे में कहीं भी भोपाल शहर काजी का नाम ही नहीं है।

पढ़ें क्या है मामला

सवाल

दरअसल, दारुल इफ्ता जाम-ए-एहतमाम मसाजिद कमेटी, भोपाल के नाम से जारी इस फतवे (Viral Fatwa) में एक सवाल में पूछा गया है कि किसी शहर के काजी साहब प्रोस्टेट बीमारी से पीड़ित हैं और उन्हें पेशाब की बूंदें टपकने की समस्या है, क्या इनके पीछे नमाज पढ़ना सही होगा? इसी सवाल के जवाब में ये फतवा जारी किया गया है।

जवाब

इसके जवाब में जारी किए गए फतवे में लिखा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने की समस्या है, शरीयत के मुताबिक यह बीमारी माजूर मानी जाती है। ऐसी हालत में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर नमाज नहीं पढ़ा सकता। अगर किसी ने ऐसे व्यक्ति या इमाम के पीछे फर्ज नमाज पढ़ी है, तो उसे वह दोबारा पढ़ने की जरूरत है।

किसने दिया फतवा और कब

बता दें कि यह फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया बताया जा रहा है। इस पर मुफ्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी हुई है। इस फतवे के मुताबिक भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली की ओर से पूछा गया था। हालांकि इस फतवे (Viral Fatwa) में कहीं भी भोपाल के मौजूदा शहर काजी का नाम कहीं भी नहीं है।

फतवे में नहीं किसी का नाम लेकिन लोगों ने सीधे शहर काजी से जोड़ा

इसके बावजूद सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर इस पर टिप्पणियां कर रहे हैं। ऐसे में भ्रम की स्थितियां पैदा हो गई हैं। धर्म के जानकारों का कहना है कि इस तरह के फतवे आम तौर पर शरई नियम को स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं। और यह जरूी नहीं होता कि वह किसी खास व्यक्ति के बारे में हो।

ऑल इंडिया मुस्लिम कमेटी ने बुलाई अहम बैठक

इस फतवे (Viral Fatwa) के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम कमेटी आज सोमवार को अहम बैठक बुलाई है। जिसमें तमाम मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों को बुलाया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद मुस्लिम समुदाय दो पक्षों में बंट गया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी संरक्षक शमशुल हसन का कहना है कि शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा वायरल हुआ है। इस मामले में धर्म गुरु और अन्य जानकारों के साथ बैठक होनी है।