
madhya pradesh outsourced employees (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP News: बिजली विभाग में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी(Outsourced Employees) तीन दिन काम बंद आंदोलन करेंगे। यह आंदोलन आगामी 18 से 20 अक्टूबर यानी धनतेरस से दीपावली तक चलेगा। नियमितीकरण की मांग को लेकर बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन ने यह आंदोलन का आह्वान किया है। मांग पूरी न होने पर 18 से 20 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश लिया जाएगा।
संगठन के प्रांतीय संयोजक मनोज भार्गव और महामंत्री दिनेश सिसोदिया ने बताया कि प्रदेश में 45 हजार आउटसोर्सकर्मी बिजली विभाग में सेवा दे रहे हैं। इनमें से करीब 1 हजार आउटसोर्स कर्मी रीवा जिले हैं। बिजली विभाग ने आखिरी बार 1992 में सीधी भर्ती की थी। उसके बाद से विभाग को बड़ी भर्ती नहीं हुई।
आउटसोर्स कर्मचारी संगठन(Outsourced Employees) की प्रमुख मांग है कि प्रदेश के करीब 49 हजार 263 रिक्त पदों को मौजूदा एवं सेवा से पृथक अनुभवी आउटसोर्स कर्मियों की विभागीय परीक्षा लेकर उसी प्रकार भरा जाए, जैसे ठेका प्रथा लागू होने से पहले पिछले 50 सालों में बिजली डेली वेजेस मस्टर कर्मियों को कच्चे से पक्का किया जाता रहा। इस 49 हजार की भर्ती के बाद भविष्य में होने वाली सीधी भर्ती में अतिथि शिक्षकों की तर्ज पर 50 प्रतिशत पद ऊर्जा विभाग राजपत्र के जरिए बिजली आउटसोर्स कर्मियों को आरक्षित करे और छोटे पद बना कर रेगुलर किया जाए। तमिलनाडु की तर्ज पर मप्र में मुख्य कार्य सीधी भर्ती से कराएं। मांग पूरी न होने पर आउटसोर्स कर्मचारियों ने 18 से 20 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश लिया जाएगा।
Updated on:
05 Oct 2025 02:18 pm
Published on:
05 Oct 2025 02:18 pm
