
विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद आमने-सामने आए नेता, छिड़ा 'ट्विटर वॉर'
भोपाल। कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार हुआ कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे गुरुवार सुबह उज्जैन में पकड़ा गया। वो महाकाल मंदिर के बाहर से गिरफ्तार हुआ। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने पुलिस को बधाई दी है, वहीं विपक्षी दलों ने सरकार पर ही सवाल उठा दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है, यह सरेंडर का बड़ा खेल है। यदि इसकी जांच की जाए तो बड़े नेताओं की भी मिलीभगत उजागर हो सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सरकार से पूछा है कि वे जल्दी स्पष्ट करें कि यह गिरफ्तारी है या सरेंडर।
कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद से ही Twitter पर #विकास_दुबे #VikashDubeyArrested #विकास दुबे उज्जैन ट्रेंड करने लगा है साथ ही राजनैतिक गलियारों में हलचल मचने लगी है कोई इस गिरफ्तारी को लेकर मध्यप्रदेश पुलिस की पीठ थपथपा रहा है तो कोई इसे गिरफ्तारी या सरेंंडर करने को लेकर सवाल उठा रहा है।
विकास दुबे की गिरफ्तारी पर किस नेता ने क्या कहा
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर उज्जैन पुलिस को इस गिरफ्तारी के लिए बधाई दी ।
उन्होने लिखा 'जिनको लगता है की महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धूल जाएँगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्श्ने वाली नहीं है...
आगे की कार्यवाही को लेकर सीएम शिवराज ने जानकारी दी 'हमारी पुलिस ने एक दुर्दांत अपराधी को गिरफ्तार किया है। इसके लिए उज्जैन पुलिस को बधाई देता हूं। आगे की कार्रवाई के लिए इसे यूपी पुलिस को सौंपा जायेगा। मैं आज सुबह से ही मा. श्री @myogiadityanath जी के संपर्क में हूं। दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर कार्रवाई कर रही है।'
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने भी इस कुख्यात गैंगस्टर की गिरफ्तारी को मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कामयाबी बताया है। वारदात के बाद से ही पुलिस को अलर्ट कर दिया था।
साथ ही गृह मंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी की 'मोस्टवांटेड विकास दुबे के साथ हमने उसके दो साथियों बिट्टू और सुरेश को भी उज्जैन में गिरफ्तार किया है। हमने उत्तर प्रदेश पुलिस को सूचना दे दी है। हमने पुलिस को अलर्ट कर रखा था, मध्यप्रदेश पुलिस के जांबाज चौकस थे, जैसे ही उन्हें संदेह हुआ, उसे दबोच लिया गया।'
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर लिखा 'मैं शिवराज जी से विकास दुबे की गिरफ़्तारी या सरेंडर की न्यायिक जॉंच की मॉंग करता हूँ। इस कुख्यात गेंगस्टर के किस किस नेता व पुलिसकर्मियों से सम्पर्क हैं जॉंच होना चाहिए। विकास दुबे को न्यायिक हिरासत में रखते हुए इसकी पुख़्ता सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए ताकि सारे राज़ सामने आ सकें'
वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खबर लगते ही उऩ्होने ट्वीट कर सवाल उठाया की आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी अखिलेश यादव ने लिखा'ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.
कांग्रेस विधायक ने एक के बाद एक तीन लगातार ट्वीट किए जिसमे उन्होने लिखा 'कल ही खबर आ रही थी कि वह झांसी बार्डर से मध्य प्रदेश की सीमा में घुसा है। मध्य प्रदेश चारागाह बन गई है इस प्रकार के गैंगस्टरों के लिए। कानून व्यवस्था यहां पर ध्वस्त है , जिस प्रकार से हमने देखा भोपाल में दो इंजिनियरिंग के छात्रों की हत्या हो जाती है।'
उन्होने अपने अगले ट्वीट में इसे शरण और सरेंडर का खेल बताया है 'मुझे लगता है यह शरण और सरेंडर का खेल है। उसके उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध रहे हैं और मध्य प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से संबंध हैं इसलिए वो मध्य प्रदेश आया और उज्जैन में पकड़ा गया। यह शरण और सरेंडर का खेल लग रहा है।'
'जिस प्रकार के अपराध उसने किये हैं , इसकी पूरी जांच होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में किन किन नेताओं से उसके संबंध रहे हैं। जिन लोगों ने शरण दी है उन्हीं ने सरेंडर करवाया होगा।'
Updated on:
9 Jul 2020, 1:16 PM IST
Published on:
9 Jul 2020, 1:07 PM IST
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