
भोपाल। मध्यप्रदेश में 7 मार्च से शुरू हुआ बजट सत्र हर दिन हंगामे के कारण चर्चाओं में रहा। बुधवार को हंगामे से शुरू हुआ बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
विधानसभा के 8वें दिन भी शुरुआत हंगामे से हुई और कांग्रेस विधायक विधानसभा अध्यक्ष की आसंदी के सामने आकर लेट गए। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष ने अनिश्चितकाल के लिए बजट सत्र स्थगित कर दिया गया। यह बजट सत्र 25 मार्च तक चलने वाला था।
सबसे पहले विधानसभा सत्र के पहले ही दिन कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया, इस पर हंगामा चला, इसके बाद बजट प्रस्तुत कर रहे जगदीश देवड़ा के बजट भाषण के बीच विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।
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सत्र स्थगित करने पर विपक्ष आगबबूला
इधर, बजट सत्र के अनिश्चितकाल के लिए मुख्य विपक्षी कांग्रेस विधायकों का कहना था कि बजट चर्चा होना चाहिए, विधायकों के महत्वपूर्ण सवाल भी सदन में लगे हैं। इतनी जल्दी बजट सत्र खत्म करना यह लोकतंत्र की हत्या है।
जीतू पटवारी को नोटिस जारी
इधर, विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का ट्वीट करके विरोध करने पर कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि यदि हमारे हितों की रक्षा नहीं तो सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे।
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Published on:
16 Mar 2022 01:25 pm
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