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अगले 22 घंटे में तांडव मचाएगा चक्रवाती तूफान मोथा, इन 30 जिलों में बारिश की चेतावनी

MP Weather Update: अगले 22 घंटे में रौद्र रूप लेगा साइक्लोन मोथा, एमपी के 30 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी
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Monsoon to arrive in two districts of MP within 72 hours

MP Monsoon 2026 (फोटो: सोशल मीडिया)

MP Weather: मध्यप्रदेश में सर्दी शनै:-शनै: कदम रख ही रही थी कि बारिश से कदम ठिठक से गए। हालांकि सर्दी के यह कदम जल्द रफ्तार पकड़ेंगे। चक्रवाती हवाओं व बारिश के साथ अब प्रदेश और देश में सर्दी का असर बढऩे की संभावना भी है, लेकिन इससे पहले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें जरूर खिंच गई हैं। वजह है फसलों को नुकसान। कई जिलों में खेतों में कटने को तैयार और कट चुकी फसलों को नुकसान हुआ है।

चक्रवाती तूफान मोथा लेने वाला है रौद्र रूप

विशेषज्ञों के अनुसार अभी पूरे सप्ताह मौसम का मिजाज ऐसा ही रह सकता है। दरअसल, यह पोस्ट मानसून सीजन की बारिश है। अरब सागर की ओर एक डीप डिप्रेशन बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान मोथा के सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश में नमी आ रही है और बारिश हो रही है। इंदौर में शनिवार रात से छाए बादल रविवार सुबह बरस पड़े। दोपहर तक रिमझिम होती रही। 24 घंटे में लगभग 11 मिमी बारिश हुई।

मावठा नहीं, पोस्ट मानसून की बारिश

कृषि विशेषज्ञ डॉ. एचडी वर्मा का कहना है, यह मावठा नहीं है। सर्दियों में होने वाली बारिश मावठा होता है। एक दृष्टि से देखा जाए तो बारिश फायदेमंद रहेगी। गेहूं, चना, मसूर के लिए खेत तैयार हो रहे हैं। पलेवा के लिए सिंचाई की जरूरत नहीं होगी। जिनकी बुआई होकर फसल निकल आई है, उसके लिए सिंचाई हो जाएगी। सिजयों के लिए भी लाभकारी है। देर से आने वाली धान की फसल खेतों में है और पकने की स्थिति में है, उसके लिए लाभकारी रहेगी। अगर फसल कटकर खेत में है तो बारिश नुकसान वाली है। बादलों के कारण भी नुकसान होता है।

यहां बारिश की संभावना

एमपी के मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, दतिया, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर कला में कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर आदि जगह भी बारिश (heavy rain) के आसार जताए हैं। वहीं इन जिलों के अतिरिक्त अन्य 13 जिलों में भी कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के साथ ही बूंदाबांदी हो सकती है।

ग्वालियर में सुबह से हो रही बारिश

उधर ग्वालियर जिले में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के असर से नमी आने के कारण ये पोस्ट मानसून की बारिश प्रदेश के कई शहरों के लिए आफत बन गई है। बेमौसम बारिश (Heavy Rain) से लोग परेशान हो गए हैं।

अंकुरण के हालात

बैतूल. कुछ किसानों ने फसल की कटाई की है तो वह खेत में पड़ी है। इससे फसलों में अंकुरण की स्थिति बनने लगी है। खासकर मक्का में अंकुरण होने लगा है।

सागर. जिले के शाहपुर, देवरी क्षेत्र में कुछ किसानों की मक्का और धान की फसल खराब हुई है। बंडा, शाहगढ़, खुरई आदि क्षेत्रों में कई किसान बारिश से खुश हैं, क्योंकि बुआई से पहले पानी नहीं देना पड़ेगा।

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

विदिशा. ग्यारसपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पीपलखेड़ी में किसान लाखन सिंह लोधी की करीब पांच बीघा में खड़ी और कटी धान की फसल प्रभावित हुई है। बालियों से दाने झड़कर गिर रहे हैं।

जबलपुर. जिले में कई जगह मक्का और धान की फसल को नुकसान हुआ है। चरगवां, बरगी क्षेत्र में कई जगह गहाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखा गया मक्का का दाना भीग गया। बेलखेड़ा, शहपुरा में धान की खड़ी फसल खेत में बिछ गई।

उज्जैन. शनिवार से जारी बारिश (Heavy Rain) के कारण कृषि उपज मंडी परिसर में पानी भर गया। इससे कीचड़ के हालात बन गए हैं। सोयाबीन भी भीग गई।