
पूर्व मंत्री मिश्रा का विवादित बयान- पूरी सरकार शराब और शबाब पर केंद्रित हो गई
भोपाल. शिवराज सरकार के पांचों मंत्री गुरुवार से पांचों मैदान में डट गए। किसी ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मैदानी इंतजामों की स्थिति जानी, तो किसी ने गेहूं खरीदी में किसानों को कोरोना से बचाने के प्रबंधन पर जोर दिया। कानून व्यवस्था से लेकर रेड जोन वाले इलाकों में बढ़ते संक्रमण तक पर नए मंत्री पहले दिन से अलर्ट हैं।
नरोत्तम मिश्रा, मंत्री, गृह व स्वास्थ्य
मिश्रा ने डीजीपी विवेक जौहरी को बुलाकर कानून व्यवस्था की रिपोर्ट ली। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और निजी नर्सिंग होम संगठन से भी संवाद किया। कोरोना की रोकथाम में निजी सेक्टर को सहयोग करने के लिए कहा। संगठनों ने निजी अस्पतालों में स्टाफ के आने पर बीमा लाभ, पीपीई किट और मास्क देने की मांग की।
गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री खाद्य
राजपूत ने ग्वालियर व चंबल क्षेत्र के अफसरों से मैदानी हालात जाने। उन्होंने विभागीय अफसरों से कहा कि कहीं कोताही बरती जाती है तो कार्रवाई होगी। खाद्यान्न वितरण व्यवस्था बेहतर रहना चाहिए। राशन दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान दें।
कमल पटेल, मंत्री, कृषि
पटेल ने अफसरों से अभी तक गेहूं खरीदी की स्थिति को जाना। पटेल ने निर्देश दिए कि गेहूं खरीदी में सोशल डिस्टेंसी का ध्यान रखा जाए। साथ ही गेहूं खरीदी में सौदा-पत्रक के माध्यम से खरीदी ज्यादा प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।
तुलसी सिलावट, मंत्री, जल संसाधन
सिलावट ने इंदौर में मैदानी हालात जाने। कोरोना को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी ली। इसके अलावा लॉ एंड ऑर्डर के लिए पुलिस अफसरों से भी संवाद किया। सिलावट ने कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने व पूरा एहतियात बरतने के निर्देश दिए।
मीना सिंह, मंत्री, आदिम जाति कल्याण
मीना सिंह ने आदिवासी इलाकों में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन और खाद्यान्न आपूर्ति की व्यवस्था को लेकर प्राथमिकता से इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को लेकर विशेष ध्यान रखा जाए।
Published on:
24 Apr 2020 05:16 am
