
National Teacher Award 2024: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के टॉप 50 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें मध्यप्रदेश के 7 शिक्षक भी शामिल हैं। सभी को 50 हजार रुपए नकद, सिल्वर मेडल और प्रमाण-पत्र दिया गया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी और शिक्षा राज्यमंत्री सुकांता मजूमदार भी शामिल थे।
patrika.com पर पेश है एमपी के 7 बेस्ट शिक्षकों के बारे में जिन्हें शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया...।
दमोह जिले के लिधौरा शासकीय नवीन माध्यमिक शाला के शिक्षक माधव प्रसाद पटेल (madhav prasad patel) विज्ञान के शिक्षक हैं। इन्होंने अपने स्कूल में साइंस वॉल बनाई है, जहां छात्र अपनी जिज्ञासाएं प्रदर्शित कर सकते हैं। ग्रामीण समुदायों में पढ़ने की आदत विकसित करने के लिए इन्होंने मोटरसाइकिल पर किताबें रखकर एक मोबाइल लाइब्रेरी ही शुरू कर दी। लर्निंग बोर्ड और खेत पाठशाला के माध्यम से इन्होंने शिक्षा को कक्षा से बाहर तक पहुंचाया दिया। अब इनके चर्चे देशभर में हो रहे हैं।
मंदसौर जिले के खजुरिया सारंग के शासकीय हाई स्कूल की सुनीता गोधा अपने स्कूल में अलग नजरिए के लिए जानी जाती हैं। सुनीता गोधा (Sunita Godha) ने अपने स्कूल में न केवल पाजिटिव वातावरण तैयार किया, वहीं असाइनमेंट और एक्टिविटीज के माध्यम से कक्षा का वातावरण मनोहर बना दिया। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का नामांकन बढ़ाने का सराहनीय प्रयास किया है।
डिंडौरी की सुनीता गुप्ता जवाहर नवोदय विद्यालय में गणित की शिक्षिका हैं। सुनीता गुप्ता (Sunita Gupta) ने एनीमेटेड वीडियो और तकनीक की मदद से कम लागत वाली शिक्षण सामग्रियां तैयार कर गणित को आसान बना दिया। दीक्षा (DIKSHA) और स्वयं (SWAYAM) जैसे पोर्टल्स के लिए इन्होंने ई-कंटेंट और सॉलिड शेप्स को बेहतर रूप से समझाने के लिए ऐसी वीडियो स्क्रिप्ट्स तैयार की, जिस कारण अब बच्चे इनका कोई भी वीडियो मिस नहीं करते हैं।
राष्ट्रीय संस्कृत संस्था भोपाल में शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. नीलाभ तिवारी (Prof. Neelabh Tiwari) पिछले 18 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी उनका विशेष योगदान रहा है। तिवारी ने 34 पुस्तकों का सम्पादन और 37 शोध पत्रों का लेखन किया है। इन्होंने संस्कृत अध्ययन और शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा की मनोवैज्ञानिकता और पाठ्यक्रम विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
आईआईटी इंदौर के प्रो. कपिल आहूजा (Prof. Kapil Ahuja) के पास अमेरिका में 14 वर्षों से शैक्षणिक कार्यों का अनुभव है। कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में शोध और अनुसंधान के साथ-साथ उन्होंने आईआईटी में पहला MS पाठ्यक्रम शुरू कर शिक्षा को नए आयाम दिये है। इन्हें आईआईटी इंदौर द्वारा 4 बार सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी दिया जा चुका है।
भोपाल के संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की प्रशिक्षण अधिकारी प्रेमलता रहंगडाले (Premlata Rahangdale) को दृष्टिबाधित छात्रों (Visually Impaired) को कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिसटेन्ट ट्रेड में कौशल प्रशिक्षण दिया है। इनके प्रभावी मार्गदर्शन से कई आईटीआई छात्रों ने रेलवे, बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपना करियर बनाया है। इसी संस्था के मैकेनिक डीजल ट्रेड के प्रशिक्षण अधिकारी प्रशांत दीक्षित ने मैकेनिक डीजल ट्रेड के लिए ई-कन्टेंट विकसित कर छात्रों की राह को सुगम बनाया है। संस्था में ऑटोमोटिव लैब विकसित करने में इन्होंने अपना अमूल्य योगदान दिया है।
भोपाल में सरकारी संभागीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में ट्रेड मैकेनिक डीजल के एक अनुभवी प्रशिक्षण अधिकारी प्रशांत दीक्षित (Prashant Dixit) ने प्रभावी प्रशिक्षण विधियां विकसित की जो ट्रेनर और ट्रेनी दोनों को लाभान्वित करती हैं, साथ ही छात्रों को उद्यमशीलता प्रयासों के लिए प्रेरित करती हैं। ई-सामग्री विकास में अग्रणी, दीक्षित ने कोविड महामारी के दौरान शैक्षिक वीडियो की एक श्रृंखला बनाई, जिससे देश भर में लाखों छात्रों को लाभ हुआ और अब वे डीजीटी के भारत कौशल पोर्टल पर प्रदर्शित हैं।
Updated on:
06 Sept 2024 03:06 pm
Published on:
06 Sept 2024 03:01 pm
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