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तीन साल में MP में दो ‘जेल ब्रेक’, शिवराज के शासन में भागने वाले 8 आंतकियों को 8 घंटे में कर दिया गया था ढेर

मध्यप्रदेश के नीमच में हुए जेल ब्रेक की घटना की तुलना शिवराज सिंह चौहान ने अपने शासनकाल में हुए भोपाल जेल ब्रेक की घटना से की है। उन्होंने कहा कि भोपाल जेल ब्रेक की घटना का अंजाम आपको याद होगा। मैं कांग्रेस से भी यही आशा करता हूं।

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Neemuch jailbreak

Neemuch jailbreak

भोपाल.मध्यप्रदेश में तीन सालों के अंदर दो ब्रेक ( mp jailbreak ) की घटना हुई है। एक जेल ब्रेक 31 अक्टूबर 2016 को हुई थी, उस समय सीएम शिवराज सिंह चौहान ( shivraj singh chauhan ) थे। अब 23 जून 2019 को फिर से जेल ब्रेक की घटना हुई है, इस समय मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ( Kamal Nath ) हैं। शिवराज के शासन में भोपाल सेंट्रल जेल ( Bhopal Jailbreak ) से सिमी ( SIMI terrorists ) के आठ आतंकी भागे थे, उन्हें आठ घंटे में ही ढेर कर दिया गया था। लेकिन कमलनाथ के शासन काल में भागे कैदियों ( Neemuch jailbreak ) की अभी तक कोई सुराग नहीं है।

मध्यप्रदेश के नीमच जिले में 23 जून 2019 को हुए जेल ब्रेक की घटना के बाद प्रदेश की सियासत तेज हो गई है। इस घटना में शामिल मुख्य साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन भागने वाले चार कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं है। ऐसे में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कांग्रेस की सरकार पर निशाना साधा है। साथ ही अपने शासन काल के जेल ब्रेक की घटना के बाद अंजाम को याद दिलाते हुए, कहा है कि कांग्रेस की सरकार से भी यही आशा है।

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शिवराज ने क्या कहा
दरअसल, रविवार की घटना पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक ट्वीट किया। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि हमारी सरकार में कुछ खूंखार अपराधियों ने जेल ब्रेक कर भागने की कोशिश की थी मित्रो! लेकिन आपको याद होगा कि शासन-प्रशासन की तत्परता से वे ज्यादा दूर नहीं जा पाए! वैसी ही तत्परता की आशा हम कांग्रेस की सरकार से भी करते हैं।

क्या हुआ था उस समय

शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल के दौरान 31 अक्टूबर 2016 को भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सिमी के आठ कुख्यात आतंकी सुबह तीन बजे फरार हो गए। भागने के लिए आतंकियों ने जेल के प्रहरी रामाशंकर यादव की गला रेतकर हत्या कर दी थी। उसके बाद शासन में हड़कंप मच गया। पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए।

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आठ घंटे में ही किया गया था ढेर
घटना के करीब छह घंटे बाद सुबह साढ़े नौ बजे पुलिस को सूचना मिली कि जेल से करीब 10 किलोमीटर दूर खेजड़ागांव के पास आतंकी छिपे हैं। उसके बाद पुलिस ने खेजड़ागांव के पास पहाड़ी पर आतंकियों को घेर लिया खुद को घिरा देख आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव शुरू कर दिया। लेकिन जवाबी कार्रवाई में आठ घंटे बाद ही सिमी के आठों आतंकी ढेर कर दिए गए।

नीमच जेल से चार फरार
भोपाल जेल ब्रेक की घटना के लगभग तीन साल भी नहीं हुए हैं, अब अपराधियों ने नीमच में जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया है। नीमच जेल से चार कैदी रविवार को सुबह सलाखें काटकर फरार हो गएं। भागने वाले कैदियों में नारसिंह, लाला दुबे, पंकज और लेख राम शामिल है। इन कैदियों में दो तस्कर और एक हत्या का आरोपी है। वहीं एक रेप के मामले में सजा काट रहा था।

अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी
नीमच जेल ब्रेक की घटना के चौबीस घंटे से ज्यादा वक्त बीत गए हैं लेकिन पुलिस सिर्फ मुख्य साजिशकर्ता को छोड़कर किसी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जेल अधीक्षक और दो प्रहरी को निलंबित किया है। ऐसे में शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस सरकार के इकबाल पर सवाल उठा रहे हैं।