
भाजपा का नया फॉर्मूला, अब इस रणनीति के सहारे लड़ेंगे चुनाव!
भोपाल। चुनावों के नजदीक आते ही जहां दोनों प्रमुख पार्टियों के नेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। वहीं दोनों पार्टियां अब पूरा जोर अपनी तैयारियों पर लगाने को उतारू हैं। ऐसे में जहां कांग्रेस लगातार सरकार पर हमले को अपनी रणनीति का हिस्सा बना रही है। वहीं भाजपा अपनी योजनाओं की सफलता को जनता के बीच ले जाकर अपनी जीत पक्की करने की कोशिश में जुटी हुई है।
इसी सब के बीच मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार ने अब अपना रुख केंद्र की योजनाओं New formula of BJP for winning elections पर कर दिया है ताकि चुनाव से पहले अच्छे दिनों का अहसास जनता को कराया जा सके।
जानकारी के अनुसार चुनाव को देखते हुए एक्शन मोड में आए शिवराज ने राज्य में विकास के लिए अब 'टी-पार्टी' को जरिया बनाया है।
राजनीति के जानकारों के मुताबिक प्रदेश भाजपा का फोकस अब केंद्र की योजनाओं से मिलने वाले फायदों पर जा टिका है। इसके चलते भाजपा ने अब केंद्रीय फंड और योजनाओं के जरिए लोगों को अच्छे दिनों का अहसास कराने का प्लान तैयार किया है।
इसके तहत 'टी-पार्टी' के जरिए सीएम ने इसकी शुरुआत गुरुवार को भोपाल में सरकार के चुनिंदा मंत्रियों के साथ कर दी है। बताया जाता है कि यहां मुख्यमंत्री ने सीएम हाउस में केंद्रीय मंत्रियों को टी-पार्टी New formula of BJP for electionsके बहाने चुनावी साल में प्रदेश में केंद्रीय मदद दिलाने और लंबित प्रस्तावों को हरी झंडी दिलाने पर चर्चा की।
जानकारी के अनुसार गुरुवार को सीएम हाउस में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से ग्रामीण और पंचायत योजनाओं, कृषि मंत्री राधामोहन से किसान और खेती की योजनाओं, सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गेहलोत से राजधानी में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान की स्थापना जल्द शुरु करने पर चर्चा की।
इसके अलावा प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गो को लेकर भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर अधूरे प्रोजेक्ट जल्द पूरे करने पर भी चर्चा की है। सीएम ने कहा की केंद्र ने प्रदेश में सड़क बनाने के लिए एक लाख बीस हजार करोड़ रुपए मंजूर किए हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश के केंद्र में करोड़ों के प्रस्ताव और योजनाओं का फंड रिलिज नहीं हो सका है। मनरेगा की राशि देर से मिलने को लेकर दिग्विजय सिंह पीएम मोदी को पत्र भी लिख चुके हैं।
ऐसे में सरकार किसानों को सूखा राहत राशि देने, मनरेगा के तहत भुगतान करने, शहरी विकास कार्यो के लिए राशि दिलाने, फसल बीमा योजना की राशि जमा कराने, सड़कों से जुड़े प्रोजेक्ट जल्द पूरा New formula of BJP for winning elections कराने को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा कर है। बहरहाल चुनावी साल में भाजपा की ये टी पार्टी कितनी असरदार होगी, ये लंबित प्रस्ताव और फंड जारी होने पर ही पता चलेगा।
इधर, इस समस्या से ऐसे निपटेगी भाजपा :-
वहीं दूसरी ओर भाजपा की कोशिशों को उस समय झटका लगता दिखा जब उसने पाया कि उसके कई कार्यकर्ताओं को योजनाओं की सटीक जानकारी नहीं है।
ऐसे में योजनाओं को जनता तक ले जाने की और उसके जरीए जीत दर्ज कराने का मामला कुछ गड़बड़ा सा गया। अब सरकार ने इसके लिए नई नीति तैयार की है, ताकि जनता तक अपने कार्य को पहुंचाया जा सके।
ऐसे समझें पूरा मामला...
दरअसल मध्य प्रदेश में असंगठित मजदूरों के 2.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद सरकार तो खुश है,लेकिन भाजपा के चेहरे से खुशी नदारत नजर आ रही है। जानकारों का कहना है कि दरअसल, पार्टी समझती है कि चुनाव में सफलता इस योजना के प्रचार पर निर्भर है।
वहीं सूत्रों के अनुसार पार्टी के सामने मुश्किल ये है कि कार्यकर्ताओं को योजनाओं की सटीक जानकारी नहीं है, ऐसे में वो जनता के बीच प्रचार करें तो कैसे करें। इन्हीं सारी बातों को देखते हुए अब पार्टी ने कार्यकर्ताओं की सरकारी ट्रेनिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
दरअसल भाजपा कार्यकर्ताओं को सरकार की योजनाओं का प्रचार करने और उसका क्रेडिट लेने की ज़िम्मेदारी मिली है। वहीं पार्टी के सामने एक नई मुश्किल आकर खड़ी हो गई है,और मुश्किल ये कि पार्टी कार्यकर्ताओं को ही सरकारी योजनाओं की सटीक जानकारी नहीं है।
ताजा मामला असंगठित ठेका मजदूरों के लिए चलाई जा रही योजना का है। इस योजना से जनता को फायदा क्या होगा ये बताने के लिए कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाना है। ऐसे में अब समस्या ये है कि जब कार्यकर्ता ही योजना के फायदे से अनजान हैं तो वो प्रचार कैसे करेंगे।
जिसे देखते हुए भाजपा ने एक तरकीब निकाली है, इसके तहत अब कार्यकर्ताओं की सरकारी ट्रेनिंग की तैयारी की है। जिसमें कार्यकर्ताओं को योजना के फायदे याद कराए जाएंगे।
वहीं इससे पहले भावांतर सरीखी तमाम योजनाओं की सरकारी ट्रेनिंग बीजेपी कार्यकर्ताओं को दी जा चुकी है। हालांकि मामले में कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि सरकार की यही योजना सरकार के गले की फांस बनेगी क्योंकि सरकारी अधिकारी योजनाओं का फायदा जनता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं। ऐसे में भाजपा को फायदा होने के बदले नुकसान होगा।
Published on:
19 May 2018 12:58 pm
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