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Lok Sabha election 2024: भाजपा-कांग्रेस में अब अगली जंग की तैयारी, कांग्रेस बनाएगी जबरदस्त रणनीति

mission 29- लोकसभा चुनाव 2024 में मध्यप्रदेश की 29 लोकसभा सीटें जीतने के मिशन में भाजपा और कांग्रेस अभी से जुट रहे हैं।

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भोपाल

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Manish Geete

Dec 09, 2023

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2024 में होने वाले लोकसभा में मध्यप्रदेश की 29 सीटें जीतने की अभी से तैयारी शुरू।

विधानसभा चुनाव खत्म होते ही अब लोकसभा चुनाव की बिसात बिछने लगी है। प्रचंड जीत से उत्साहित भाजपा ने सीधे तौर पर मिशन-29 का ऐलान कर दिया है, तो कांग्रेस में भी चिंतन शुरू हो गया है। भाजपा में 5 सांसदों के इस्तीफे से खाली होने वाली सीटों पर नए चेहरे आएंगे, जबकि कांग्रेस में चुनाव हारे व पहले से इंतजार कर रहे पुराने के साथ नए चेहरे भी किला लड़ाएंगे। बहरहाल, सियासी जंग दिलचस्प होगी। पढ़िए, दोनों पार्टियों की स्थिति...।

भाजपा: अब नए चेहरों की एंट्री, 5 सीटें खाली

विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब भाजपा का मिशन-29 शुरू हो गया है। भाजपा इस बार लोकसभा की सभी 29 सीटें जीतने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए बूथ नेटवर्किंग से लेकर दिग्गजों के स्तर पर रणनीति बनेगी। बड़ा सवाल यह कि 8 दिग्गजों के विधानसभा चुनाव में उतरने के बाद उनकी लोकसभा सीट का रहेगा। विधानसभा चुनाव हारे दो दिग्गज लोकसभा में रिपीट हो सकते हैं। जो पांच जीते, उनकी जगह लोकसभा सीट पर नए चेहरे आ सकते हैं।

शिवपुरी से विधानसभा चुनाव से दूर रहीं यशोधराराजे सिंधिया लोकसभा चुनाव में उतर सकती हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योरादित्य सिंधिया भी चुनाव लड़ सकते हैं। दतिया से चुनाव हारे मंत्री नरोत्तम मिश्रा अब लोकसभा के दावेदार हैं। पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, बालाघाट से हारे गौरीशंकर बिसेन, गोहद से हारे लालसिंह आर्य, बमोरी से हारे महेंद्र सिंह सिसौदिया भी दावेदार हैं।

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कांग्रेसः राह आसान नहीं

प्रदेश की चार लोकसभा सीट खजुराहो, नर्मदापुरम, देवास और इंदौर में कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया हो गया है। इन लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा की एक भी सीट नहीं मिली है। 9 लोकसभा क्षेत्र सागर, दमोह, रीवा, सीधी, शहडोल, जबलपुर, विदिशा, मंदसौर, खंडवा में कांग्रेस को सिर्फ 1-1 विधानसभा सीट पर ही संतोष करना पड़ा। लोकसभा चुनाव में परचम लहराने के लिए कांग्रेस को अपना संगठन भाजपा से ज्यादा मजबूत करना होगा।

ये नेता सीधे मिशन 29 में जुटे

1. शिवराज सिंह चौहान: सीएम शिवराज ने मिशन-29 का ऐलान कर दिया है। विधानसभा में तीन हारी सीटों पर दौरा कर चुके हैं।
2. वीडी शर्मा: प्रदेश अध्यक्ष वीडी ने लोकसभा के लिए हर बूथ मोदी अभियान लांच कर दिया है। मिशन-29 का ऐलान कर चुके हैं।


कांग्रेस के खाते में सिर्फ एक सीट

प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 28 पर भाजपा का कब्जा है। सिर्फ एक सीट छिंदवाड़ा कांग्रेस के पास है। भाजपा ने इस बार मिशन 29 की शुरुआत कर दी है। भाजपा सभी 29 सीटों को जीतने की तैयारी में है। कांग्रेस भी सक्रिय है। पार्टी पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए अपनी चुनावी रणनीति में सुधार करने की तैयारी में है। संभव है लोकसभा चुनाव में नए चेहरों को मौका दिया जाए।

विधानसभा में आजमा चुके हैं किस्मत

2019 में लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमा चुके कई नेता हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे हैं। रामनिवास रावत मुरैना से लोकसभा उम्मीदवार थे। वे विजयपुर से विधायक बने। सीधी लोकसभा सीट से अजय सिंह चुनाव हार गए थे। अब चुरहट से विधायक बने। पिछले लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे मधु भगत (बालाघाट), शैलेंद्र पटेल (विदिशा), किरण अहिरवार (टीकमगढ़) भी विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं।

किसने क्या कहा

लोकसभा चुनाव की पूरी तैयारी है। टिकट के मामले में निर्णय पार्टी करेगी, पर मेरी दावेदारी रहेगी।
- अशोक सिंह, ग्वालियर लोकसभा के पूर्व उम्मीदवार

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा हो रही है। कमियां देखी जा रही हैं। लोकसभा चुनाव में दावेदारी के बारे में अभी कुछ तय नहीं किया है।
- किरण अहिरवार, टीकमगढ़ लोकसभा पूर्व प्रत्याशी

ये सीटें हो रहीं खाली

कमलनाथ के नेतृत्व में ही होगा अगला चुनाव

विधानसभा चुनाव में मिली असफलता पर दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के नेताओं के साथ चर्चा की। नेताओं ने 1-1 सीट की रिपोर्ट पेश की। प्रदेश के नेताओं ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा। यह बताने की कोशिश की सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रशासन से मिलीभगत कर चुनाव जीता। प्रत्याशियों के चयन पर भी सवाल उठे। यह भी सामने आया कि जिन पर चुनाव जिताने की जिम्मेदारी थी, उनमें से कई खुद हार गए। कुछ ने करीबियों को टिकट दिलाया, उन्हें जिताने का भरोसा दिया, लेकिन न तो वे जीत सके, न जिता सके। प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन पर बैठक में चर्चा नहीं हुई। न ही कमलनाथ (kamal nath) से इस्तीफा मांगा गया। संगठन में कसावट लाने की बात जरूर कही गई। इससे यह भी तय हो गया कि कमलनाथ के नेतृत्व में मप्र में लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। बैठक में कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव तैयारियों का खाका पेश किया।

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