
अब खेती के जरिए कैंसर पर लगाम लगाने की तैयारी, बड़ा कदम उठाने जा रही सरकार
भोपाल. वैश्विक तौर पर जानलेवा बीमारी माने जाने वाले कैंसर की रोकथाम को लेकर मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार काफी सजग है। साथ ही, इसपर लगाम लगाने को लेकर एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सरकार का दावा है कि, आगामी जिनों में वो 1 लाख हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती कराने की तैयारी कर रही है, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से निजात दिलाने में कारगर साबित होगी। हालांकि, सरकार द्वारा निर्धारित 1 लाख हेक्टेयर में जैविक खेती का लक्ष्य पहले चरण का है। सरकार द्वारा धीरे-धीरे जैविक खेती का रकबा लगातार बढ़ाया जाएगा।
शोधकर्ताओं ने लंबी रिसर्च के बाद पाय है कि, खेती में रासायनिक खाद और कीटनाशक के इस्तेमाल से कैंसर समेत अन्य कई बीमारियां जन्म ले रही हैं। इसी रिसर्च को आधार मानते हुए प्रदेश सरकार अब जैविक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है।इस संबंध में शिवराज सरकार के कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि, पहले चरण में 1 लाख हेक्टेयर जमीन पर जैविक खेती की तैयारी शुरु कर दी गई है। खासतौर पर सबसे अधिक खेती नर्मदा किनारे बसे गांवों की जमीनों पर किया जाएगा। कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि, रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाओं का अर्ग फसलों पर भी कहीं न कहीं दिखता है, जिसकी वजह से न सिर्फ गंभीर बीमारियां जन्म ले रही हैं बल्कि लगातार बेलगाम भी होती जा रही हैं।
जैविक खेती के जरिए किसानों को लाभ देगी सरकार
मानव जीवन पर लगातार बढ़ रहे खतरे को कम करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी के तहत किसानों को जैविक खेती की तरफ प्रेरित करने का काम शुरु हो गया है। कृषि विभाग युद्ध स्तर पर इस कार्य में जुट गया है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि, जैविक खेती करने वालों को बड़ा लाभ देने की तैयारी की गई है। जैविक खेती के लिए तैयार हुई फसलों के दाम भी अधिक रहेंगे, क्योंकि इसकी डिमांड रासायनिक खेती के मुकाबले कई ज्यादा है।
स्वास्थ के साथ साथ नदी को शुद्ध करने की तैयारी
कृषि मंत्री कमल पटेल के अनुसार, जैविक खेती की वजह से हमें दोहरा लाभ मिलेगा। सीधे तौर पर पहला लाभ तो किसानों को होगा ही, क्योंकि जैविक फसलों से प्राप्त होने वाली सब्जियों की डिमांड भी काफी ज्यादा है, जिससे किसानों को दोगुना मुनाफा तो होगा ही। उनकी जमीन लगातार उपजाउ होती रहेगी। वहीं, दूसरा लाभ ये भी कि, नर्मदा किनारे होने वाली जैविक खेती से नर्मदा का जल स्वच्छ और निर्मल होगा। क्योंकि, नदियों में मिलने वाले कीटनाशक और रासायनिक खाद लगातार पानी को दूषित कर रहे हैं, जिसका प्रभाव भी कही न कही मानव स्वास्थ पर ही पड़ रहा है।
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Published on:
17 Mar 2022 06:50 pm
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