
पुरानी पेंंशन योजना को लेकर विधानसभा में भी कमलनाथ का ऐलान।
भोपाल। मध्यप्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करना एक बड़ा मुद्दा बन गया है। कांग्रेस नेता एवं पूर्व सीएम कमलनाथ ने इस बार विधानसभा में ऐलान किया है कि हमारी सरकार बनी तो पुरानी पेंशन स्कीम को लागू कर देंगे। इस मुद्दे पर सदन में भी हंगामा मचा।
कांग्रेस ने बुधवार को पुरानी पेंशन को बड़ा मुद्दा बना दिया है। कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह के पुरानी पेंशन लागू करने का सवाल पूछा तो वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा कहा कि पुरानी पेंशन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कांग्रेस ने सरकार को कर्मचारी विरोधी बताते हुए जमकर हंगामा किया और कांग्रेस विधायक सदन से वाकआउट कर गए।
मीडिया से बोले कमलनाथ- हम देंगे पुरानी पेंशन
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा में ऐलान किया है कि हमारी सरकार बनती है तो हम पुरानी पेंशन योजना को लागू करेंगे। कमलनाथ ने कहा कि हर सरकार कर्मचारियों से चलती है और यदि कर्मचारी के साथ ही अन्याय होगा तो सरकार कैसे चलेगी। हमारे साथी सज्जन सिंह वर्मा ने सीधा सा प्रश्न पूछा था कि क्या सरकार पुरानी पेंशन लागू करेगी? कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि यह निर्दयी सरकार है। पुरानी पेंशन लागू करने का फैसला नहीं ले रही है। इस सरकार के मंत्री हड़ताल करने वाले कर्मचारियों से ज्ञापन लेकर आते हैं और कूड़े में फेंक देते हैं।
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पुरानी पेंशन के लिए नहीं है पैसा
इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने भी कहा कि सप्लीमेंट्री बजट में पुरानी पेंशन देने का कोई प्रस्ताव लाएंगे? वित्त मंत्री ने कहा कि कोई प्रस्ताव विचारधीन नहीं है। इस पर गोविंद सिंह ने कहा कि आपके पास चीतों के लिए तीन हजार करोड़ हैं। विकास यात्रा के लिए पैसा है, पुरानी पेंशन के लिए नहीं है? नेता प्रतिपक्ष ने भी सरकार को कर्मचारी विरोधी बताया। इसलिए कांग्रेस वाकआउट कर रही है।
बन रहा है बड़ा मुद्दा
राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल कर दिया गया है। मध्यप्रदेश में इसी साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। क्योंकि कांग्रेस शासित पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पुरानी पेंशन योजना लागू कर दी गई है। इसे लेकर अब भाजपा सरकारों पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में हिमाचल प्रदेश में हुए चुनाव में भी कांग्रेस ने पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का ऐलान किया था। लेकिन, बीजेपी ने इसे बहाल नहीं किया। इसी मुद्दे को हिमाचल प्रदेश में भाजपा की हार के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
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Updated on:
15 Mar 2023 02:43 pm
Published on:
15 Mar 2023 02:41 pm
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