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नेकी के साथ कमाई की खबर- घायल को अस्पताल पहुंचाने पर मिल सकते हैं एक लाख रुपए

सरकार की योजना, मददगार से नहीं होगी पुलिस पूछताछ, कानूनी उलझन भी नहीं

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भोपाल. युवाओं, अच्छे नागरिकों के लिए ये कमाई की खबर है. आप किसी की जिंदगी बचाकर लाखों का ईनाम भी पा सकते हैं. सडक़ हादसों में घायल हुए लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ‘गुड सेमेरिटन योजना’ लागू की है. चयन होने पर मददगार को एक लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।

गुड सेमेरिटन योजना: मददगार से नहीं होगी पुलिस पूछताछ, कानूनी उलझन भी नहीं- सडक़ हादसों में मृतकों की संख्या कम करने और घायलों को समय पर इलाज मुहैया कराकर जिंदगी बचाने के उद्देश्य से ये योजना चलाई जा रही है। खास बात यह है कि इस योजना में मददगार को किसी भी पूछताछ या अन्य कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

चयन होने पर मददगार को एक लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति-पत्र— योजना में चुने गए मददगार को पांच हजार रुपए का नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। उत्कृष्ट मामलों को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यहां चयन होने पर मददगार को एक लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।

समिति करेगी चयन, कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ एवं परिवहन अधिकारी शामिल
योजना को मप्र में लागू करने प्रत्येक जिले में समिति बनाई गई है। समिति गुड सेमेरिटन की पहचान कर सम्मानित करेगी। समिति में कलेक्टर, एसपी, सीएमएचओ एवं परिवहन अधिकारी शामिल हैं। चयनित लोगों के खाते में परिवहन विभाग द्वारा राशि ट्रांसफर की जाएगी।

गंभीर घायलों की संख्या 6500 तो करीब 41 हजार सामान्य रूप से होते हैं घायल
प्रदेश में सडक़ हादसों में सालाना औसतन 11,500 लोगों की मौत होती है। गंभीर घायलों की संख्या 6500 से ज्यादा तो करीब 41 हजार सामान्य रूप से घायल होते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने पर मृतकों की संख्या ज्यादा है। आंकड़े को कम करने सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा गुड सेमेरिटन योजना लागू की गई है।

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