
Patrika Raksha Kavach Abhiyan: साइबर फ्रॉड के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। नए-नए तरीकों से स्कैमर फ्रॉड करते हैं और लोग इनके जाल में बड़ी आसानी से फंस भी जाते हैं। इस तरह के फ्रॉड से बचने का एक ही तरीका है कि आप थोड़े सतर्क रहें। आपकी जरा सी सावधानी और सतर्कता आपको बड़े घाटे से बचा सकती है। यह बात पत्रिका ऑफिस में आयोजित टॉक शो में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने कही।
पत्रिका का अभियान लोगों को जागरूक कर रहा है। मेरा सरकार से एक अनुरोध है कि सुरक्षा से जुड़े विभागों जैसे बैंक, पुलिस आदि में एथिकल हैकर की नियुक्ति होनी चाहिए, क्योंकि जो फ्रॉड कर रहा है, वह साइबर का जानकार है, तो उससे निपटने के लिए हमें भी ऐसे जानकार युवाओं की जरूरत है।
-वाणी राव, सिंगर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर
अगर आपके साथ फ्रॉड हुआ है, तो सबसे जरूरी है कि इस बारे में लोगों को बताएं। चर्चा करें, श्योंकि बात करेंगे, तभी लोगों को पता चलेगा और वह सतर्क होंगे।
-कवलप्रीत कौर कलसी, इंफ्लुएंसर
फ्रॉड करने वालों की एक बात पर ध्यान देना जरूरी है। यह आपसे इस तरह बात करते हैं कि आप उनसे कन्वेंस हो जाएं। जब भी ऐसा कोई कॉल आए, जहां आपसे कुछ ऐसा कहा जाए, जो आपको कन्वेंस करे, तो एक बार जरूर सोचें। फोन काटें और पांच मिनट विचार करें।
-करीम उद्दीन, इंफ्लुएंसर
पत्रिका का यह अभियान साइबर फ्रॉड के बारे में जागरूक कर रहा है। साइबर फ्रॉड से बचना है, तो अगर कोई आपसे कहता है कि आपका फॉर्म हम भर देंगे आप स्क्रिन शेयर करें, तो कभी न करें, यह फ्रॉड का नया तरीका है।
-अवलप्रीत सिंह छाबड़ा, इंफ्लुएंसर
साइबर फ्रॉड करने वालों के खिलाफ कड़ा कानून बनाने की जरूरत हैं। जब तक कानून कड़े नहीं बनेंगे, इन पर लगाम लगाना मुश्किल है। वह कहते हैं न कि भय बिनु होए न प्रीत, तो भए जरूरी है।
-सान्या आचार्य, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर
सोशल मीडिया इंपलुएंसर्स ने बताया कि नए-नए तरीकों से स्कैमर फ्रॉड कर रहे हैं। आप अगर कोई जॉब सर्च करते हैं, तो कुछ नामी वेबसाइट की नकली वेबसाइट भी गूगल पर दिखती हैं, जो बिल्कुल असली जैसी होती हैं। पहचानना मुश्किल है कि कौन सी सही है। ऐसे में आप थोड़ी सतर्कता के साथ गूगल पर सही वेबसाइट का एड्रेस डालकर क्रॉस चैक करें, तो आपकी असली वेबसाइट पता चल सकती है। इसी तरह कोई अनजान लिंक है, तो उस पर क्लिक न करें।
अगर आप कोई एप डाउनलोड करते हैं, तो वह आपसे बहुत सी परमिशन मांगता है। कुछ एप ऐसे होते हैं, जिसमें कैमरा और माइक्रोफोन की जरूरत नहीं होती, तब भी वह आपसे इनकी परमिशन मांगते हैं। ऐसे एप से सावधान रहें, यह फ्रॉड का जरिया हो सकता है।
इंपलुएंसर्स ने कहा कि फ्रॉड से बचने के लिए सतर्कता अभियान चलाया जाए। स्कूलों में, कॉलेजों में, बुजुर्गों के बीच जाकर उन्हें इसके बारे में बताया जाना चाहिए। इसमें समाज के प्रमुख वर्ग, सोशल मीडिया इंपलुएंसर्स और सरकार को मिलकर काम करना होगा।
Updated on:
15 Dec 2024 10:50 am
Published on:
15 Dec 2024 10:47 am
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