
शस्त्र लाइसेंस फॉर्म, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
MP News: अगर आप बंदूक का लाइसेंस लेने की सोच रहे है तो ये खबर आपके काम की है। मध्यप्रदेश में शस्त्र और कारतूसों की खरीद-बिक्री पर निगरानी बढ़ाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था तैयार की जा रही है। मप्र राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के माध्यम से नया पोर्टल बनाया जाएगा, जिसे केंद्र सरकार के नेशनल डेटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) पोर्टल से जोड़ा जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद शस्त्र विक्रेताओं को हर खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज करना होगा। इससे पता चल सकेगा कि किस लाइसेंसधारक ने कब, कहां से और कितने कारतूस खरीदे। कारतूसों के उपयोग से संबंधित रिकॉर्ड को भी निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। शस्त्र लाइसेंस के लिए एक नवंबर से ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। अब आवेदन एनडीएएल पोर्टल के माध्यम से ही करना होगा। जिलों से लाइसेंस प्रस्ताव गृह विभाग भेजने की व्यवस्था भी समाप्त की जाएगी।
शूटिंग प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के शस्त्र लाइसेंस के नए आवेदनों की जांच सख्त की जाएगी। आवेदन पर पहले स्टेट या नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से खिलाड़ी का सत्यापन होगा। उसकी सक्रिय भागीदारी की पुष्टि होने के बाद ही लाइसेंस प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रदेश में करीब 2.40 लाख शस्त्र लाइसेंसों की वैधता समाप्त होने का मामला भी सामने आया है। एनडीएएल पोर्टल पर नवीनीकरण और अन्य आवेदनों का निराकरण दर्ज नहीं होने से यह स्थिति बनी।
हथियार लाइसेंस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। हालांकि ये प्रकिया पहले से शुरु है लेकिन अबह ऑफलाइन आवेदन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। अब नए गन लाइसेंस, रिन्यूअल और हथियार ट्रांसफर के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जा सकेंगे। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदक भारत सरकार के पोर्टल www.ndalalis.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक स्वयं अपनी आईडी बनाकर आवेदन कर सकते हैं या फिर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
पहचान प्रमाण
निवास प्रमाण
मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट
इनकम प्रूफ
अगर आपके ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज है तो आपको लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। यह प्रावधान भारतीय कानून के तहत सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
Updated on:
18 Oct 2026 08:06 am
Published on:
18 Oct 2026 08:06 am
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