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लड़कियों के कमरे में लगाए कैमरे, एमपी की महिला अफसर पर बिफराया आयोग, दिखाई सख्ती

Ratlam ADM Dr Shalini Shrivastava लड़कियों के कमरे में लगाए गए कैमरों के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्ती दिखाई है।

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Ratlam ADM Dr Shalini Shrivastava Ratlam Madrasa National Commission for Protection of Child Rights

Ratlam ADM Dr Shalini Shrivastava Ratlam Madrasa National Commission for Protection of Child Rights

Ratlam ADM Dr Shalini Shrivastava Ratlam Madrasa National Commission for Protection of Child Rights एमपी के रतलाम में मदरसे में लड़कियों के कमरे में लगाए गए कैमरों के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्ती दिखाई है। लड़कियों के कमरे में कैमरे लगाने जैसे संगीन मामले में एडीएम डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव के रुख पर भी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने ऐतराज ​जताया। आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने तो इस संबंध में एडीएम पर तल्ख टिप्पणी करते हुए ट्वीट भी किया। उन्होंने एडीएम को बाल अधिकारों पर प्रशिक्षण देने की बात कही।

बिना मान्यता के चल रहे मदरसों में बच्चियों को बेहद खराब माहौल में रखे जाने के मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया। अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के ट्वीट के बाद प्रशासनिक हल्कों में हड़कंप मच गया। कलेक्टर राजेश बाथम, जिला पंचायत सीईओ और महिला एवं बाल विकास अधिकारी के पास खुद ही मदरसा पहुंच गए। उन्होंने यहां बच्चियों से बातचीत की और दस्तावेज देखे।

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बता दें कि मध्यप्रदेश बाल संरक्षण अधिकार आयोग की सदस्य डॉ. निवेदिता शर्मा ने अवैध मदरसा संचालन की भनक लगने पर जांच की थी। उनके निरीक्षण में एक अवैध मदरसे में लड़कियों के कमरों में कैमरे लगे पाए गए। यहां दूसरे राज्यों से लड़कियों को लाकर रखा गया था लेकिन उनको स्कूल नहीं भेजा जा रहा है।

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डॉ. निवेदिता शर्मा ने प्रशासन को यह जानकारी दी तो एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को मदरसे की जांच के लिए भेजा गया। एडीएम ने निरीक्षण किया और बाद में मीडिया को बताया कि मदरसे के कमरों से कैमरे हटा लिए गए हैं। लेकिन उन्होंने डीवीआर जब्त नहीं की। इसपर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सख्त ऐतराज ​जताया।

ये है मामला
डॉ. निवेदिता शर्मा ने खाचरौद रोड पर बने दारुल उलूम आयशा सिद्धीका तिलबिनात मदरसे का निरीक्षण किया था।
यहां करीब तीन दर्जन बच्चियां फर्श पर सोती पाई गईं। एक बच्ची को तो तेज बुखार था। मदरसे में उनकी सुविधा के कोई इंतजाम नहीं थे। सबसे बुरी बात तो यह है कि मदरसे में सीसीटीवी कैमरे ऐसी जगह भी लगाए गए थे जहां बच्चियों की प्राइवेसी का ध्यान रखकर इन्हें लगाया जाना गैरजरूरी था। डॉ. निवेदिता ने इस पर जमकर नाराजगी जताई और कार्रवाई के निर्देश दिए।