
विदिशा से भोपाल पहुंची 'संविधान बचाओ यात्रा', पुलिस ने रोका तो दिग्विजय सिंह ने डाली बड़ी चेतावनी, VIDEO
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर विदिशा से भोपाल तक संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ यात्रा निकाली जा रही है। आदिवासी नेता सुनील आदिवासी द्वारा निकाली जा रही इस यात्रा के आखिरी दिन सोमवार को शहर में प्रवेश करने से पहले पुलिस द्वारा लंबाखेड़ा में रोक लिया गया। यात्रा को रोके जाने की सूचना मिलने पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी मौके पर पहुंच गए। यहां दिग्विजय ने पुलिसकर्मियों से कहा कि, अगर इस शांतिपूर्ण ढंग से निकल रही यात्रा को आगे नहीं जाने दिया गया तो हम सभी इसी स्थान पर धरने पर बैठ जाएंगे। हालांकि, दिग्विजय सिंह को इस पदयात्रा में भोपाल के रोशनपुरा चौराहे से जुड़ना था। बता दें कि, आज गांधी जयंती के मौके पर यात्रा का समापन भोपाल में होना है।
12 दिन में पैदल चलकर सोमवार को राजधानी भोपाल पहुंच रही यात्रा को शहर में आने से पहले ही रोकने की खबर लगते ही दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंच गए। यहां यात्रा आगे नहीं बढ़ने देने पर उन्होंने पुलिस प्रशासन को धरने पर बैठने की चेतवानी दे दी। उन्होंने कहा कि, अगर पुलिसकर्मियों ने इस पद यात्रा को समापन स्थल यानी रोशनपुरा चौराहे तक नहीं जाने दिया तो वो इसी स्थान पर धरने पर बैठ जाएंगे।
राजधानी में मिली पद यात्रा को एंट्री
हालांकि, यहां से यात्रा आगे बढ़ी और राजधानी में प्रवेश लेते हुए समापन स्थल यानी रोशनपुर चौराहे की तरफ बढ़ गई। इस दौरान दिग्विजय सिंह खुद पद यात्रा में शामिल रहकर रोशनपुरा चौराहे के लिए बढ़े।
दो अक्टूबर को पद यात्रा का उद्देश्य
दिग्विजय सिंह ने यात्रा में आदिवासियों को संबोधित करते हुए शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सुनील आदिवासी 12 दिनों से पैदल चलकर यहां पहुंच रहे हैं। रास्ते में उन्होंने कहीं भी किसी झगड़ा नहीं किया। दो अक्टूबर को यहां आने का मकसद था कि हम अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते हैं। अनुसूचित जाति के लोगों से जमीनें छीन ली गई हैं। साथ ही इन्हें पट्टा लेस कर दिया गया है। गरीबों को दबंगों के पैरों तले दबाया जा रहा है।
मैं आज पूजा किए बिना और अन्न खाए बिना ही आपके साछ चल रहा हूं- दिग्विजय
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि 'प्रदेश की कानून व्यवस्था के हाल इस स्तर पर हैं कि, यहां दबंग लोग आदिवासियों पर पेशाब कर रहे हैं। ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार और ये जो मामा है, कहते हैं कि मैं तुम्हारा हूं। अरे हमें, मालूम है कि तुम किसके हो।' उन्होंने यात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि 'मैं जब तक योग और पूजा नहीं करता, तब तक अन्न नहीं खाता हूं। लेकिन आज आप लोगों के बीच आने के लिए मैं बिना पूजा किए और अन्न खाए आया हूं। क्योंकि, लेकिन आज आपके साथ कांधे से कांधा मिलाकर चलना और आपके अधिकारों के लिए लड़ना मेरे लिए पूजा करने और अन्न खाने से ज्यादा बढ़कर है।'
Published on:
02 Oct 2023 01:43 pm
