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Shashi Tharoor: भोपाल में शशि थरूर बोले ‘कांग्रेस में जैसा परिवर्तन मैं ला सकता हूं, खडग़े नहीं

अखिल भारतीय कांग्रेस पद के लिए अपने समर्थन में वोट मांगने भोपाल पहुंचे सांसद शशि थरूर, मीडिया के सवालों पर बोले 'जिस तरह का स्वागत मेरा एमपी में हुआ, मैं कमलनाथ जी और गोविंद सिंह जी का आभारी हूं।'
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भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपने समर्थन में वोट मांगने भोपाल पहुंचे सांसद शशि थरूर ने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि खडग़े वैसा परिवर्तन नहीं ला सकते जैसा मैं ला सकता हूं। मैं परिवर्तन का उम्मीद्वार हूं और खडग़े नेतृत्व के नेता हैं। जैसा मैं सोचता हूं वैसा परिवर्तन कांग्रेस और देश दोनों के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि भोपाल आकर मैं बहुत खुश हूं। यहां मुझे लोगों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ राजस्थान के CM अशोक गहलोत के प्रचार करने पर ऐतराज जताया। उन्होंने कहा, कांग्रेस इलेक्शन अथॉरिटी के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री को देखना चाहिए कि कहां गलत हो रहा है। इसके हिसाब से कार्रवाई करें।

बढ़ती जा रही है कांग्रेस की मजबूती
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के आंतरिक चुनाव हैं। हम नई ऊर्जा के साथ चुनाव में आमजन के पास जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि इन चुनावों में खडग़े साहब की जीत हो या मेरी सवाल यह नहीं है, हम पार्टी की मजबूती के लिए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को सवालों पर शशि थरूर ने कहा कि इस चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि कांगे्रस की मजबूती बढ़ती जा रही है। आप देखिए कि हमारे देश में कोई ऐसी पार्टी नहीं है।

कहा इस हालत में हम कब तक रहेंगे
थरूर ने कहा, 2014 और इसके बाद हुए 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 19 फीसदी वोट मिले। इस हालत में हम कब तक रहेंगे। इसका एक ही इलाज है कि हमें जनता को दिखाना होगा कि कांग्रेस पार्टी दोबारा आकर्षित पार्टी बन रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव पर शशि थरूर ने कहा, आज हम कार्यकर्ताओं से पूछ रहे हैं कि आप क्या चाहते हो? हमें जवाब देने का मौका भी मिल रहा है। पार्टी के मूल्य पार्टी के सिद्धांत हैं। पार्टी के बड़े फैसले लेने में कार्यकर्ताओं की राय ली जाए, ये सोच कांग्रेस पार्टी में नहीं है। ये पार्टी की बहुत बड़ी कमी है। कार्यकर्ताओं की हमेशा शिकायत रहती है कि कांग्रेस हाईकमान या नेतृत्व से कभी बात या मुलाकात नहीं हो पाती है। ऐसे में उन्हें स्टेक होल्डर्स होने का एहसास नहीं होता है।

ऐसा स्वागत कहीं नहीं हुआ
आपको बता दें कि थरूर अब तक अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं। थरूर ने एमपीपीसीसी के लिए कहा कि मेरा स्वागत जैसा एमपी में हुआ, वैसा कहीं नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हां ये सही है कि कई प्रदेशों में मेरा स्वागत सही नहीं हुआ। जिस तरह का स्वागत खडग़े जी का हुआ, मेरा नहीं हुआ। लेकिन, जिस तरह का स्वागत मेरा एमपी में हुआ, मैं कमलनाथ जी और गोविंद सिंह जी का आभारी हूं। आपको बता दें कि थरूर आज सुबह भोपाल पहुंचे। एयरपोर्ट पर पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे एयरपोर्ट से रवाना होकर पीसीसी पहुंचे। यहां पीसीसी चीफ कमलनाथ, मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल के अलावा कांग्रेस के प्रमुख नेताओं से चर्चा की। इसके बाद पीसीसी के सभागार में डेलिगेट्स के साथ बैठक की।

भोपाल के कई कांग्रेस नेताओं को नहीं मिली सूचना
शशि थरूर के दौरे की सूचना भोपाल के कई नेताओं को नहीं मिली। भोपाल के पार्षदों का कहना है कि पीसीसी से कार्यक्रमों की सूचना लोकल के नेताओं और कार्यकर्ताओं को नहीं दी जा रही है। पीसीसी में शशि थरूर पहुंचे, लेकिन यहां पार्टी के 100 नेता और कार्यकर्ता भी नहीं जुटे। सुबह 11 बजे तक विधायक लक्ष्मण सिंह, कांग्रेस के कोषाध्यक्ष अशोक सिंह, जेपी धनोपिया, नितेंद्र सिंह राठौर ही नजर आए। भोपाल लोकल के एक भी विधायक यहां नहीं पहुंचे। उधर, इससे पहले भोपाल आ चुके मल्लिकार्जुन खडग़े के दौरे के वक्त पीसीसी में कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा था। इसी दिन कांग्रेस की ओर से प्रदेशभर की नगरीय निकाय के जीते और हारे हुए प्रत्याशियों का सम्मेलन बुलाया गया था। खडग़े के भोपाल दौरे के वक्त भोपाल के कई कांग्रेस नेता नजर नहीं आए। पार्षद योगेन्द्र सिंह गुड्डू चौहान का कहना है कि नगरीय निकाय सम्मेलन में भी भोपाल के कई पार्षदों को नहीं बुलाया गया था। उन्हें भी निकाय सम्मेलन, खडग़े और शशि थरूर के दौरे की सूचना नहीं दी गई।

502 प्रतिनिधि करेंगे अपने मत का प्रयोग
प्रदेश कांग्रेस में 502 प्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में अपने मत का प्रयोग करेंगे। इसमें 15 मनोनीत सदस्य और 487 प्रतिनिधि हैं, जिनमें कांग्रेस के 95 विधायक भी शामिल हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मतदान होगा। कांग्रेस के बड़वाह से विधायक सचिन बिरला चुनाव में मतदान नहीं कर सकेंगे। उन्होंने अपनी उपेक्षा का आरोप लगाकर बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया था। इसके बाद से कांग्रेस उनकी सदस्यता खत्म करने के लिए विधानसभा में आवेदन कर चुकी है।