
भोपाल. कोरोना महामारी के कारण डेढ साल के बाद बाजार खुले तो अच्छी बारिश का असर दिखाई देने लगा. बारिश का असर खेतों में भी फूलों के खिलने के रूप में दिख रहा था वहीं स्थानीय फूलों की आवक से मार्केट में रंगत छाई थी. हालांकि दशहरा पर बरसे पानी के बाद किसानों और विक्रताओं की खुशी मानो काफूर हो चुकी है.
इस बार किसानों को दिवाली पर अच्छी कमाई की उम्मीद बंध गई थी लेकिन दशहरा के दूसरे दिन हुई बारिश ने फूलों की खेती करनेवाले किसानों के चेहरे की हवाइयां उड़ा दी हैं. दो दिन हुई जबर्दस्त बरसात के कारण कई स्थानों पर फूल में पानी लगने से गलने और काले पड़ने की शिकायत सामने आने लगी है.
वैसे तो दीपावली को अभी 15 दिन शेष हैं पर किसानों का कहना है कि अब दोबारा इसी तरह की बारिश हो गई तो बाजार में गेंदे के फूलों की आवक बहुत कम हो जाएगी. इससे रेट भी 20 रुपए किलो की जगह 200 रुपए किलो हो जाएगा. लोकल किसानों की उम्मीद पर पानी फिर जाएगा.
करारिया गांव के किसान मदन माली बताते हैं कि बारिश अच्छी होने के कारण इस बार खेतों में खूब फूल आया, नवरात्रि में खूब बिका भी लेकिन दो दिन की बरसात ने खेतों में खडी फसल को बर्बाद कर दिया है. खासतौर पर गेंदा लगानेवाले किसानों के चेहरे तो मुरझा चुके हैं.
बरसात के कारण गुलाब की खेती पर भी असर हुआ है. बारिश होने व तेज हवा चलने से गुलाब झड़ गया है और पानी में गल गया है. इसके कारण गुलाब के फूल बहुत कम नजर आएंगे. नवरात्रि पर भी इसका रेट ज्यादा था. गुलाब 100 रुपए प्रति किलो से ज्यादा दर में बिके थे. दिवाली पर ये और महंगा बिकेगा.
Published on:
21 Oct 2021 02:53 pm
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