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भोपाल। हस्ताक्षर के बारे में कहा जाता है कि इसकी लिखावट से आपकी सोच के बारे में पता चलता है और इसके साथ-साथ आपकी कमियां और आपके जीवन में आने वाले संकेतो को भी दर्शाता है। कहा जाता है आपके हस्ताक्षर की लिखावट जिस दिशा की तरफ होती हैं उसी दिशा की तरफ अपका भविष्य भी जुड़ा होता है। जो लोग नीचे से ऊपर की तरफ हस्ताक्षर करते हैं वह लोग आशावान होते है,परंतु स्वभाव से काफी झगड़ालू होते हैं। अगर कोई व्यक्ति ऊपर से नीचे की ओर हस्ताक्षर करता है वह व्यक्ति काफी बुरे व्यवहार के होते हैं। यह हमेशा दूसरों के बारे में गलत सोचते हैं।
यदि आप अपने सिग्नेचर के आखिर में ‘डॉट’ लगाते हैं तो इसका अर्थ होता है कि आप किसी भी काम को अधूरा नहीं छोड़ते हैं। चीजों को एक बार शुरु करने के बाद आप उसे पूरा करके ही रुकते हैं। साथ ही अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाने में भी आगे रहते हैं। जो लोग हस्ताक्षर करते समय एक बार भी अपनी पेन को नहीं उठाता वह इंसान काफी लड़ाकू व्यवहार का होता है। साथ ही अंदर से काफी काले मन का भी होता है। जानिए हस्ताक्षर और ग्रहों में संबंध....
हस्ताक्षर में आते हैं A, D, H, M, T
हस्ताक्षर में आते हैं A, D, H, M, T सूर्य का अंक 1 होता है, इसलिए ए, डी, एच, एम, टी, इन अक्षरों का सीधा व स्पष्ट लिखने से आपका सूर्य बलवान होकर शुभ फल देने लगेगा।
हस्ताक्षर में आते हैं B, D, O, X
चन्द्रमा अंक 2 का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए अंक 2 से सम्बन्धित अक्षर जैसे- बी, डी, ओ, एक्स इन अक्षरों को बड़ा व गोल बनाते हुये इनके नीचे एक बिन्दु लगाना न भूलें। इस प्रकार का उपाय करने से आपको शीघ्र ही चन्द्रमा का शुभ फल मिलना शुरू हो जायेगा।
हस्ताक्षर में C, E, G, L, S, U
सी, ई, जी, एल, एस, यू, इन अक्षरों में किसी भी प्रकार की काट-पीट न करें और इन्हे बड़े सलीके से गोल आकार में बनाने की कोशिश करें। अपनी लिखावट में इस प्राकर का सुधार करने से आप कुछ ही दिनों में आश्चर्य चकित परिणाम पायेंगे।
अगर हस्ताक्षर में हैं C, G, B सी, जी, बी
इन अक्षरों को गोल आकार में बनायें एंव इनके नीचे एक छोटा सा बिन्दु जरूर लगायें। ऐसा करने से आपका बुध ग्रह बलवान होकर अच्छा फल देने लगेगा।
हस्ताक्षर में है N, E
हस्ताक्षर करते वक्त पहला अक्षर काफी बड़ा बनायें तथा हस्ताक्षर को उपर से नीचे की ओर करने की आदत डालें। बृहस्पति से सम्बन्धित अक्षरों को जैसे एन एंव ई, अक्षर को काफी बड़ा व सीधा बनाना होगा। ऐसा करने पर आपका भाग्य पक्ष मजबूत होकर अच्छा फल देने लगेगा और उॅचाईयों की उड़ान भरने में कामयाब होंगे।
हस्ताक्षर में है U, L, V
शुक्र ग्रह अंक 06 का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए शुक्र से सम्बन्धति अक्षरों को जैसे- यू, एल और वी को स्पष्ट एंव सुन्दर बनाने की कोशिश करें। ऐसा करने पर आप देंखेगें कि कुछ ही दिनों में आपको शुक्र ग्रह अच्छा फल देने लगेगा।
हस्ताक्षर में J, K, F
अक्षरों को घुमाकर व तोड़ मरोड़कर व दूर-दूर व अस्पष्ट लिखने से बचना होगा। शनि अंक 8 का प्रतिनिधित्व करता है। अंक 08 से सम्बन्धित अक्षरों को जे, के और एफ में उपर की लाईन को बड़ा बनाना चाहिए एंव जे अक्षर की उपरी लाईन को मोटी करने से धीरे-2 शनि ग्रह बलवान होकर शुभ फल देने लगता है जिससे आपके जीवन की प्रगति में चार-चांद लग जायेंगे।
हस्ताक्षर में G
लिखवाट में बार-बार कांट-छांट से बचना होगा। हस्ताक्षर का पहला अक्षर ज्यादा घुमावदार न बनायें। गोला बनाकर हस्ताक्षर को घेरने से बचना होगा। अक्षर ‘जी' के नीचे का भाग ज्यादा बड़ा न हो एंव अक्षर एस को सुडौल बनायें। हस्ताक्षर में इस प्रकार का संशोधन करने से धारे-2 राहु व केतु शुभ फल देने लगते है और आपके जीवन में प्रगति के मार्ग प्रशस्त होते है।
Published on:
20 Sept 2019 04:44 pm
