25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एमपी के 3 विभागों में बढ़ी हलचल, बनेगा नया सेटअप, आयोगों-निगमों में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाएंगे कर्मचारी

Stir in PHE Department- महिला बाल विकास में अफसरों के नए सेटअप की तैयारी शुरु, नलजल योजना में आ रही दिक्कतों पर बनी व्यवस्था, पीएचई का ग्रामीण विभाग में विलय टला
2 min read
Google source verification
Stir in the Women & Child Development PHE and Panchayat departments

पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके

PHE and Panchayat Departments - एमपी के 3 अहम विभागों में इन दिनों खासी हलचल मची है। जल शक्ति मंत्रालय ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के तकनीकी अमले का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय के निर्देश दिए हैं। दोनों विभागों के कर्मचारी, अधिकारी इससे सहमत नहीं हैं। इस बीच राज्य सरकार ने फिलहाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के तकनीकी अमले का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय टालकर आंशिक राहत दे दी है। हालांकि बाद की प्रक्रिया के बारे में अभी कुछ भी निर्धारित नहीं किया गया है। पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके के अनुसार हम पूर्ण हुई योजनाएं पंचायत को सौंपते जा रहे हैं। इधर महिला बाल विकास में अफसरों के नए सेटअप की तैयारी की जा रही है। इसके अंतर्गत विभाग के अधिकारियों को आयोगों-निगमों में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम पहले से बढ़ गया है। नल-जल योजना शुरू हो रही हैं। ये योजनाएं जिन पंचायतों में पूर्ण हो चुकी है, उनमें से कई पंचायतों में नियमित संचालन और मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा है। नतीजा, पेयजल आपूर्ति बार-बार ठप हो रही है।

जल शक्ति मंत्रालय ने इस पर राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ बैठकें की थी क्योंकि यह समस्या अकेले मप्र के साथ ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों के साथ भी बन रही है। इसको देखते हुए तय हुआ था कि नलजल योजना के संचालन-मेंटेंनेंस और पीएचई के पास मौजूद तकनीकी अमला पंचायत को सौंप दिया जाए।

पंचायत ही करेगा 'नलजल' का मेंटेनेंस

हालांकि सरकार ने फिलहाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के तकनीकी अमले का पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में विलय टाल दिया है। आगे क्या होगा, यह तय नहीं है। जब तक नए सिरे से प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती तब तक पीएचई का तकनीकी अमला पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को बाहर से सहयोग करता रहेगा।

अभी योजनाएं पंचायतों को दी जाएंगी, अमला नहीं

पीएचई व पंचायत के अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह तय हुआ है कि एकल नल-जल योजनाएं ही पंचायत को दी जाएंगी। पीएचई का अमला पीएचई के पास ही रहेगा, जो समय-समय पर ग्रामीण विकास विभाग की मदद करता रहेगा। अभी इसमें आगे नई व्यवस्था तय हो सकती है, लेकिन तब तक ये दोनों विभाग अपनी-अपनी निर्धारित जिम्मेदारी निभाएंगे।

पीएचई विभाग की मंत्री संपतिया उइके ने बताया कि समूह नलजल योजना के संचालन व रखरखाव का ठेका 10 साल के लिए हुआ है। सभी योजनाओं की उक्त अवधि बाकी है। जब तक यह अवधि खत्म नहीं हो जाती, तब तक जल निगम के पास ही रहेगी लेकिन जिन एकल समूह योजनाओं का काम पूर्ण हो गया है, उन्हें पंचायत को सौंपते जा रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग में नया सेटअप

महिला एवं बाल विकास विभाग में महिला सशक्तिकरण अधिकारियों के पदों को लेकर नई व्यवस्था होने वाली है। इन अफसरों के पदों को विभाग के अलग-अलग कार्यालयों और संस्थानों के नए सेटअप में शामिल किया जाएगा। साथ ही जरूरत के हिसाब से कुछ को विभिन्न आयोगों और निगमों में प्रतिनियुक्ति पर भी भेजा जा सकेगा।

मंत्री निर्मला भूरिया ने अधिकारियों को इस संबंध में आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत संचालनालय, संरक्षण संस्थाओं, संभाग, जिलों और प्रशिक्षण केंद्रों व अन्य में शामिल किया जाएगा। विभाग को बेहतर संचालन के लिए भर्ती नियमों की भी समीक्षा की जाएगी। साथ ही विभाग के मौजूदा ढांचे को भी व्यवस्थित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से अधिकारियों की तैनाती जरूरत के अनुसार होने से कामकाज अधिक प्रभावी होगा।