
भोपाल। कोरोना महामारी के बाद लोग भले ही हेल्द कॉन्शियस हुए हैं। लेकिन आज लोगों में एंग्जायटी और डर की भावना भी बढ़ती जा रही है। दिनभर की व्यस्तता के बीच कई मानसिक परेशानियां उनके जीवन का हिस्सा बन गई हैं। बीते एक साल में राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश और इंडिया समेत वल्र्ड में मेंटली हेल्द इश्यूज बढ़े हैं। लेकिन इसे रोकने का कोई सटीक उपाय उन्हें नहीं मिल पा रहा। जिससे हम लोगों के मन को शांत कर सकें और उनकी मानसिक परेशानियां दूर कर सकें। जबकि हेल्द एक्सपर्ट कहते हैं कि यदि माइंडफुलनेस मेडिटेशन करें तो लोग बेहतर नींद सो सकते हैं। मेडिटेशन में इतना सुपर पावर है कि वह एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग से आपको दूर कर देता है। इसके अलावा मेडिटेशन के कई सुपर पावर यानी फायदे हैं जिन्हें जानकर आपको सोने से पहले मेडिटेशन की आदत जरूर बनानी चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट विजयता शर्मा आपको बता रही हैं मेडिटेशन के सुपर से भी ऊपर के पावर...
सोने से पहले मेडिटेशन
सोने से पहले मेडिटेशन करने से आपके दिमाग ही नहीं बल्कि, शरीर को भी कई फायदे होते हैं। इसके साथ ही ये कई मायनों में आपकी नींद से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है। ऐसा करने से आपका स्ट्रेस लेवल कम होगा, आप खुद को डॉन्ट वरी कहना सीखेंगे। इसके साथ ही यह नर्व सिस्टम कंट्रोल को बेहतर बनाता है। इससे आप आसानी से जागृत हो जाते हैं। इन सबके अलावा ध्यान यानी मेडिटेशन का यह फायदा भी है कि आप खुद को मोटिवेट करना भी सीखते हैं।
सोने से पहले मेडिटेशन के फायदे
1. मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाता है
सोने से पहले मेडिटेशन करने से ये शरीर में मेलाटोनिन को बढ़ाता है, जो कि बेहतर नींद के लिए बेहद जरूरी हार्मोन होता है। इसके बढऩे से शरीर में स्ट्रेस कम हो जाता है और नींद आने लगती है। इस तरह बेहतर नींद की मदद से आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और एंग्जायटी आदि से बच सकते हैं।
हार्ट बीट होगी कंट्रोल
जिन लोगों को एंग्जायटी की प्रॉब्लम होती है, उन्हें अक्सर तेज घबराहट होती है। इस दौरान इन लोगों की हार्ट बीट बहुत बढ़ जाती है। यानी दिल तेज-तेज धड़कनें लगता है। ऐसे में रात में सोने से पहले मेडिटेशन जरूर करें। आपकी हार्ट बीट नॉर्मल रहेगी और घबराहट, एंग्जायटी से राहत मिलेगी।
हाई बीपी है, तो हो जाएगा नॉर्मल
स्ट्रेस और एंग्जायटी की प्रॉब्लम्स झेल रहे लोगों में हाई बीपी भी आम होता है। इस दौरान आपको बहुत बेचैनी महसूस होती है। कई बार ओवर थिकिंग के दौरान भी जब हमारा दिमाग बहुत तेज गति से काम कर रहा होता है, तो भी बीपी बढ़ जाता है। ऐसे में ये आपकी नींद में खलल बनता है। इन सभी परेशानियों से बचाव का उपाय यही है कि आप रोज रात को सोने से पहले 10 से 20 मिनट तक ध्यान करें और खुद को शांत करें। डेली ऐसा करने से आपका बीपी कंट्रोल में रहेगा।
दिमाग को रखेगा कूल
आपका शरीर नींद के शुरुआती चरणों में कई तरह के बदलाव का अनुभव करता है। लेकिन जब आपको एंग्जायटी होती है, तो आपका ब्रेन बड़ी तेजी से काम करता है, जिसे आराम पहुंचाने के लिए जरूरी है कि आप अपने दिमाग को शांत करें। ऐसे में मेडिटेशन आपकी हेल्प करता है और आपके तेज रफ्तार दिमाग पर लगाम कसता है।
आपके मन को देता है इग्रोरेंस पावर
जब आप बहुत ज्यादा परेशान होते हैं या बहुत ज्यादा सोच रहे होते हैं, तो ऐसे में अगर आप मेडिटेशन करते हैं, तो आप जल्दी ही परेशानी और ओवर थिंकिंग से बच जाएंगे। क्योंकि मेडिटेशन आपके मन को इग्नोरेंस पावर देता है। अगर आप रोज 5 मिनट भी मेडिटेशन के लिए निकालते हैं, तो अपने मन को कंट्रोल कर पाने में सक्सेस होते हैं।
सोने से पहले ऐसे करें मेडिटेशन
- अपने आस पास से फोन या मन को भटकाने वाली चीजों को हटा दें।
- आरामदायक स्थिति में लेट जाएं। -आंखें बंद कर लें।
- अपनी सांसों पर फोकस करें।
- मन में 10 काउंट करते हुए सांस लें।
- फिर 10 काउंट करते हुए अपनी सांस रोकें।
- अब 10 काउंट करते हुए सांस छोड़ें।
- पूरे कंसन्ट्रेशन के साथ काउंट करें और इसे कम से कम पांच बार दोहराएं।
- ऐसा करने से आपका दिमाग एंग्जायटी और बाकी चीजों को भूल जाएगा।
- इस दौरान जब कोई विचार फिर से आने लगे, तो धीरे-धीरे अपना ध्यान सिर्फ अपनी सांस पर केंद्रित करने की कोशिश करें।
- ज्यादा परेशान न हों, बस रोज आपसे जितना हो उतना करें।
- फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाते हुए इसे 20 मिनट तक ले आएं।
- ऐसा करने से आपको अब तक बेकार लगने लगी जिंदगी को फिर से स्मूद और हैप्पी बनाने में आसानी होगी।
Updated on:
18 Jul 2023 04:09 pm
Published on:
18 Jul 2023 12:45 pm
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