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मासूम लड़कियों की ‘रेड लाइट जोन’ में सप्लाई… गंभीर अपराधों के पीछे ‘लेडी डॉन’

मानव तस्करी और देह व्यापार के मामलों में महिलाओं की भूमिका रही है। हाल ही में कोलार और मिसरोद इलाके में पकड़े गए देह व्यापार में कॉल गर्ल्स के नाम पर महिलाएं खुद लड़कियों की सप्लाई कर रही थी। वहीं मासूम लड़कियों को झांसा देकर इस धंधे('रेड लाइट जोन) में ढकेल देती हैं।

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Supply of innocent girls in 'red light zone'

Supply of innocent girls in red light zone (फोटो सोर्स : पत्रिका क्रिएटिव)

MP News: अपराध के दलदल में महिलाओं की हिस्सेदारी का ग्राफ तेजी के साथ बढ़ रहा है। राजधानी भोपाल में अपराध का चेहरा महिला का रूप ले रहा है। पुरुषों की भूमिका के साथ ही महिलाएं भी बड़ी संख्या में संगठित अपराधों में शामिल हो रही हैं। पिछले महीने हुए पुलिस कार्रवाई में इस बात का खुलासा हुआ है कि महिलाएं एमडी ड्रग्स, स्मैक तस्करी, मानव तस्करी, स्कैम और साइबर ठगी जैसे गंभीर मामलों में आरोपी पाई गई हैं। यह गैंग से जुड़कर वारदात को अंजाम दिया है। वहीं हाल में कुछ मामले में विदेशी महिलाएं भोपाल में एमडी ड्रग्स तस्करी में गिरफ्तार की गई है।

लड़कियों को झांसा देकर धंधे में धकेला

मानव तस्करी और देह व्यापार के मामलों में महिलाओं की भूमिका रही है। हाल ही में कोलार और मिसरोद इलाके में पकड़े गए देह व्यापार में कॉल गर्ल्स के नाम पर महिलाएं खुद लड़कियों की सप्लाई कर रही थी। वहीं मासूम लड़कियों को झांसा देकर इस धंधे यानि रेड लाइट जोन (Red Light Zone) में ढकेल देती हैं।

तीन माह में 12 महिलाएं गिरफ्तार

पिछले दो से तीन महीनों में 12 से अधिक महिलाओं को अलग-अलग अपराधों में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरतार किया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से कई महिलाएं खुद गैंग चला रही थीं और कुछ गैंग गिरोहों का हिस्सा बनी थी। वहीं नशे की तस्करी में पकड़ी गई महिलाओं से यह खुलासा हुआ कि वे दिल्ली, इंदौर और उत्तर प्रदेश से स्मैक और ड्रग्स लाकर भोपाल के युवाओं में बेच रही थी। इसके अलावा एटीएम क्लोनिंग और ऑनलाइन फ्रॉड जैसे मामलों में भी महिला आरोपी सामने आई थी और जो बैंक खातों की जानकारी लेकर ठगी का काम करती थीं।

शादी का झांसा देकर ठगी

पिछले छह महिनों में हुई कार्रवाई में करीब 8 धोखाधड़ी के मामलों में महिलाएं आरोपी पाई गई। महिलाओं ने सोशल मीडिया से एक साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्यार और शादी का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ठग लिए थे।

कार्रवाई जारी

इस तरह के गैंग पर पुलिस टीम की नजर बनी हुई है। महिलाओं से जुड़ी अपराध की शिकायत मिलने पर पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की मदद से कार्रवाई की जाती है। नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है।- हरिनारायण चारी मिश्रा, पुलिस कमिश्नर

युगांडा की महिला भी निकली ड्रग सप्लायर

30 अगस्त 2025: डीआरआइ ने अमृतसर - सीएसएमटी एक्सप्रेस से दिल्ली से मुंबई जा रही युगांडा निवासी महिला नाकिंजीटो उर्फ जारीमा को एमडी ड्रग्स के साथ गिरतार किया। विदेशी युवती के पास से 2.20 करोड़ कीमत के ड्रग्स मिले थे। इसके पहले भी क्राइम ब्रांच ने थाईलैंड निवासी स्पा सेंटर में कर्मी युवती को ड्रग्स के साथ गिरतार किया है।

1 जुलाई- 2025: भोपाल की हबीबगंज पुलिस ने नाबालिग लड़की को 2.75 लाख रुपए में राजस्थान में बेचने वाले गिरोह के सदस्यों में दो महिला को गिरतार किया है।

10 जुलाई 2025: मानव तस्करी का एक अन्य गिरोह पकड़ा गया। जिसमें एक महिला शामिल थी और इस कार्रवाई में एक नाबालिग बचाई गई।

मई 2025: 23 वर्षीय अनुराधा पासवान को गिरतार किया गया। इसने पिछले 7 महीनों में 25 पुरुषों से विवाह किया था। शादी के बाद कीमती सामान लेकर फरार हो जाती थी।