
BJP leader and deputy cm keshav fears from EC
भोपाल. विधानसभा की तरह लोकसभा चुनाव में भी भाजपा के दिग्गज नेता अपने बच्चों को टिकट दिलाने के लिए प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा कार्यालय में शुक्रवार को हुई लोकसभा चुनाव की तैयारियों की बैठक में कई नेताओं ने अपने बेटे-बेटियों को टिकट दिलाने की मशक्कत की। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने तो मीडिया में यहां तक कह दिया कि नेता का बेटा टिकट नहीं मांगेगा तो क्या भीख मांगेगा। भार्गव अपने पुत्र अभिषेक भार्गव को दमोह या सागर से टिकट दिलाना चाहते हैं।
भार्गव ने कहा मेरा बेटा 14 साल से सक्रिय राजनीति कर रहा है। उसे टिकट मिलना चाहिए। किसान का बेटा खेती करता है और सेठ का बेटा भी व्यापार करता है। नेता का बेटा भी बड़ा होकर राजनीति करे तो इसमें क्या बुराई है। पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि यह बैठक लोकसभा के प्रत्याशी के लिए नहीं है। 2014 के चुनाव में बेटी मौसम का नाम बालाघाट से पैनल में भेजा गया था, लेकिन नेतृत्व ने बोधसिंह भगत को टिकट दिया। इस बार मेरी बेटी को टिकट मिलेगा तो वह जीतकर आएगी।
- ... तो 17 सांसदों के कट सकते हैं टिकट
बैठक में आए पदाधिकारियों के फीडबैक को भाजपा संगठन ने माना तो 26 में से 17 सांसदों के टिकट कट सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक 17 सीटों के पदाधिकारियों ने संगठन से दो टूक कहा कि ्रभाजपा के पक्ष में माहौल तो अच्छा है, लेकिन टिकट किसी नए चेहरे को देना चाहिए। संगठन ने पहले ही साफ कर दिया था कि यह बैठक रायशुमारी के लिए नहीं है। इसके बावजूद बैठक में दावेदारों, मजबूत चेहरों और वर्तमान सांसदों को लेकर चर्चा हुई।
- अलग-अलग नेताओं ने की बैठक
बैठक में हर संसदीय सीट से जिला अध्यक्षों, विधायकों, महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और प्रदेश पदाधिकारियां को बुलाया गया था। हर सीट की अलग-अगल बैठक हो इसके लिए पांच क्लस्टर बनाए थे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने सात, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चार, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने आठ, एक महासचिव और पार्टी उपाध्यक्ष प्रभात झा ने चार व प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने पांच लोकसभा सीटों के पदाधिकारियों से चर्चा की। हर संसदीय क्षेत्र को लगभग आधे घंटे का समय दिया गया। बैठक में लगभग 20 बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिसमें सोशल मीडिया, आइटी सेल के काम के साथ ही मोर्चा-प्रकोष्ठों का अब तक का रिपोर्ट कार्ड पूछा गया।
- सरकार नहीं तो धन की चिंता
लोकसभा चुनाव के दौरान खर्च की चिंता भी इन बैठकों में नजर आई। जिला अध्यक्षों, विधायकों और महापौरों से साफ कहा गया कि वे चंदा इक_ा करके चुनाव की तैयारियां करें। उन्हें अर्थ संग्रह के कूपन काटने के निर्देश भी दिए गए।
- इन सीटों पर नए चेहरों की सिफारिश
मुरैना, भिंड, रीवा, सीधी, मंदसौर, शाजापुर धार, खरगौन, बैतूल, शहडोल, मंडला, बालाघाट, राजगढ़, भोपाल, होशंगाबाद, सागर और खजुराहो।
- यहां के सांसद से दिखे संतुष्ट
इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, दमोह, सतना और टीकमगढ़।
- दावेदारों का रहा जमावड़ा
बैठक में लोकसभा चुनाव के दावेदारों से रायशुमारी का कोई प्रावधान नहीं था, लेकिन आधा सैकड़ा दावेदार समर्थकों के साथ भाजपा कार्यालय में दिखे। होशंगाबाद से पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा और डॉ. राजेश शर्मा, शहडोल से रामलाल रौतेल, टीकमगढ़ से आरडी प्रजापति, रीवा से रावेंद्र मिश्रा, विद्याप्रकाश श्रीवास्तव, खजुराहो से संजय नागाइच और सागर से रजनीश अग्रवाल कार्यालय में डेरा डाले रहे।

Published on:
16 Mar 2019 05:21 am
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