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Hamidiya Fire Case : बच्चों को बचाने वाली मां 5 दिन बाद बेटी से मिली तो छलके आंसू

नवजातों को बचाते हुए धुएं और आग की जद में आकर बेहोश हो गई थीं। उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था।

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 Hamidia

भोपाल. हमीदिया अस्पताल में हुए अग्निकांड के बाद फिर से अस्पताल की दशा सुधरने लगी है। एक तरफ जहां वार्ड को फिर से तैयार किया जा रहा है। वहीं अब अस्पताल में भी खुशी के आंसू छलकते नजर आ रहे हैं। यहीं से एक मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर कमला नेहरू अस्पताल में हुए अग्निकांड में अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों की जान बचाने वाली मां की है। अग्निकांड के दौरान नर्स राजेश राजे बुन्देला बच्चों को बचाते हुए धुएं और आग की जद में आने के कारण बेहोश हो गई थी, जब पांच दिन बाद वह अपनी बेटी से मिली तो दोनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे।


सदमें के कारण बेटी भी हो गई थी बीमार
दरअसल, घटना के वक्त ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स राजेश राजे नवजातों को बचाते हुए धुएं और आग की जद में आकर बेहोश हो गई थीं। उन्हें गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती किया गया था। इधर, अस्पताल में आग और मां के घायल होने की सूचना के बाद नर्स राजेश की बेटी आराध्या सदमे में आकर बीमार पड़ गई। शुक्रवार को राजेश के ठीक होने पर आराध्या उनसे मिलने पहुंची तो मां को देखते ही वह गले से लिपटकर घंटेभर तक रोती रही। परिजनों की मानें तो सोमवार रात में ही बेटी को तेज बुखार आ गया था। वह मां के बारे में ही पूछती रहती थी। हमीदिया के मेडिकल वार्ड-5 में भर्ती राजेश को अब भी आंखों से दिखने और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। जल्द ही वह पूर्ण स्वस्थ्य हो जाएंगी।

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मृत बच्चों को दी श्रद्धांजलि
हमीदिया अस्पताल परिसर के कमला नेहरू अस्पताल में हुए अग्नि कांड में 14 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत पर शोक व्यक्त करते हुए मृत बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि कार्यक्रम अन्ना नगर चौराहे पर शुक्रवार शाम-7 बजे आयोजित किया गया। कांग्रेस नेता संजय डुमाने के नेतृत्व में अन्ना नगर और अन्य इलाकों के नागरिकों ने श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर महेंद्र सिंह चौहान, सÓजन परमार, आकाश खरे, लाल बहादुर भारद्वाज और उल्लास सोनकर मौजूद थे।