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11 माह कामाख्या मंदिर में पूजा की और कराने लगा नोटों की बरसात!

note ki barsat मध्यप्रदेश में एक ऐसा शख्स है जोकि नोटों की बरसात कराने का दावा करता है।

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मध्यप्रदेश में एक ऐसा शख्स है जोकि नोटों की बरसात कराने का दावा करता है। छिंदवाड़ा जिले का यह व्यक्ति खुद को तांत्रिक बताता है। उसका कहना है कि देश-दुनिया में प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में वह कई माह तक रहा जहां कठिन साधना की। पूजा पाठ से शक्ति प्राप्त हुई। तांत्रिक पैसों की बरसात कराने तक के दावे करने लगा लेकिन उसकी हकीकत तब सामने आई जब पुलिस ने उसे बैतूल से पकड़ा। पता चला कि तंत्र मंत्र के नाम पर वह लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के बाद कई मामलों के सुराग लगने की उम्मीद जताई है।

छिंदवाड़ा में तांत्रिक बनकर लोगों को ठगने वाले बदमाश रिक्की उर्फ कमलेश उर्फ मोनू नागले को नवेगांव पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाबा बनकर रह रहे इस ठग पर 4 थानों में केस दर्ज हैं। पता चला है कि वह 10 साल से फरार चल रहा था।

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पुलिस के अनुसार रिक्की उर्फ कमलेश उर्फ मोनू नागले पश्चिम बंगाल और कामाख्या मंदिर में साधना करने गया था। कामाख्या में उसने करीब 11 माह तक तंत्र मंत्र सीखा और इसके बाद बाबा बनकर लोगों से पूजा पाठ के नाम से पैसे ऐंठने लगा। वह पैसों की बरसात कराने का दावा कर लोगों से लाखों रुपये लेकर फरार हो जाता था।

नवेगांव टीआई राजेश साहू के अनुसार, आरोपी रिक्की 10 सालों से फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे बैतूल के चिचोली से गिरफ्तार किया जहां वह मोनू धुर्वे के नाम से रह रहा था। वह बैतूल, चिचोली, सारणी सहित कई जगहों पर रहा।