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आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है यह मिठाई

खाद्य विभाग द्वारा नहीं की जाती प्रतिष्ठानों पर रखी खाद्य सामग्री की जांच
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भोपाल

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Rohit Prasad Verma

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Updated: 26 Nov 2018, 3:30 AM IST

health

आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है यह मिठाई

भोपाल/संत हिरदाराम नगर. दीपावली के पावन पर्व पर दुकानदारों द्वारा बनाई गई मिठाइयां अभी भी ग्राहकों को बेची और परोसी जा रही हैं। इन दूषित मिठाइयों के खाने से लोग बीमार हो रहे हैं, फिर भी दुकानदार इन्हें खपा रहे हैं। इन सबके बावजूद खाद्य विभाग द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों और होटलों की जांच नहीं की जा रही है, जहां इस तरह की खाद्या सामग्री बेची जा रही है।

लोग अनजाने में घटिया और दूषित मिठाइयां खरीदने को मजबूर हैं। दीपावली पर्व पर कई तरह बड़ी मात्रा में होटलों और प्रतिष्ठानों पर मिठाइयां बनाई जाती हैं। इस दौरान जो मिठाइयां नहीं बिक पाती हैं, उन्हें दीपावली के बाद ग्राहकों को बेच दिया जाता है।

इन मिठाइयों को खाने से लोगों को पेट संबंधी बीमारियां हो रही हैं। इसके बाद भी खाद्य विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। कई बार स्थानीय रहवासियों सहित ग्राहकों द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों और होटल संचालकों के खिलाफ शिकायत भी की गई, फिर भी विभाग द्वारा न तो इन प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है और न ही दूषित खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही की जा रही है, जिससे ये बेखौफ हैं।

धड़ल्ले से बिक रही दूषित खाद्य सामग्री
संत नगर में मिलावटी मिठाइयों का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। यहां होटलों पर बासी मिठाइयां और खाद्य सामग्री बेची जा रही हैं। इसके बाद भी खाद्य विभाग का अमला आंख मूदे बैठा हुआ है। इसके परिणाम स्वरूप होटलों में मिलावटी मिठाइयां बनाकर बेची जा रही हैं। इन खाद्य पदार्थों का सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।


होटलों में दुकानदार जो मिठाई बना रहे हैं, उसका मावा घटिया किस्म का। यह केमिकल से बना होता है। इसके बाद भी बिना जांच के इनकी मिठाई बना रहे हैं।

कई बार हो चुकी हैं जांच, नतीजा शून्य
त्योहारों के करीब आते ही खाद्य विभाग का अमला सक्रिय हो जाता है। कई दुकानदारों पर पहुंचकर वहां रखी खाद्य सामग्री के पल भी लेकर लैब में भेजता है और उसकी गुणवत्ता का पता किया जाता है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती।

कभी- कभार प्रतिष्ठानों में कुछ गड़बडिय़ां मिली भी तो मामला वहीं निपटा लिया जाता है। ऐसे में जांच के दौरान इन होटलों और दुकानों से लिया गया सैम्पल भी दिखावा ही साबित होता है। इससे खाद्य विभाग की कार्रवाई से जनता का विश्वास उठता जा रहा है। आम जन भी अब इनकी शिकायत नहीं करते।