
अपने बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता को ऐसे करें बूस्ट
भोपाल। गर्मी के बाद आसमान में बादलों के जमावड़े के साथ ही राजधानी में ही नहीं बल्कि पूरे देश में मानसून की दस्तक के साथ मौसम बदल रहा है। ऐसे समय को मौसम का संक्रमणकाल भी कहते हैं, यह समय अपने साथ बीमारियों को तो लाता ही है। हमारी प्रतिरोधक क्षमता Tips to increase immunity को भी प्रभावित करता है।
ऐसे में हम अपने और अपने परिवार को लेकर लगातार चिंतित बने रहते हैं। इस चिंता में सबसे ज्यादा हमें अपने छोटे बच्चों को ध्यान रहता है। इन्हीं सब परेशानियों को देखते हुए हमने बच्चों की स्पेशलिस्ट डॉ. प्रतिभा सिंह से #Doctors day बातचीत की तो उन्होंने हमें इस संबंध में कई ऐसे तरीके बताए, जिनकी मदद से हम बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा कर सकते हैं।
उनके अनुसार यदि आपका बच्चा अक्सर बीमार पड़ता रहता है, उसमें बाकी बच्चों child health की तरह एनर्जी भी नजर नहीं आती, तो हो सकता है कि उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो।
हालांकि बड़ों की तुलना में बच्चों में यह क्षमता वैसे भी कम होती है, लेकिन अगर उन्हें संतुलित आहार न मिले तो भी उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ता है और समय के अनुसार उनका ठीक तरह से विकास भी नहीं हो पाता है। ऐसे में जरूरी है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए क्योंकि यह बैक्टीरिया और तमाम तरह के रोगों child care का सामना करने के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी। इससे उन्हें किसी प्रकार की चोट लगने की स्थिति में जल्दी ठीक होने में भी काफी मदद मिल जाएगी।
ये है खास...
1- ब्रेस्ट फीड कराएं : ब्रेस्ट फीड आपके बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने का एक शानदार तरीका है। इसमें सभी प्रकार की प्रोटीन, शुगर और वसा शामिल होती हैं, जिनकी जरूरत आपके बच्चे को होती है। इसके अलावा, इसमें एंटीबॉडीज और सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं,जो इम्युनिटी को बढ़ावा देती हैं और बीमारियों से लडऩे में मदद करती हैं। ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं द्वारा वर्ष 2002 के एक अध्ययन में पाया कि ब्रेस्ट फीड से बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने छह महीने तक के बच्चे के लिए ब्रेस्ट फीड को अनिवार्य माना है।
2- फल व सब्जियां खिलाएं : स्वस्थ आहार एक अच्छी प्रतिरक्षा प्रणाली की नींव है, इसलिए अपने बच्चे के खाने पर अधिक ध्यान दें। सेब, गाजर, आलू, सेम, ब्रोकली, कीवी, खरबूजे, संतरा और स्ट्रॉबेरी जैसे इम्यून बूस्टिंग फल और सब्जियां बच्चे के आहार में शामिल होने वाली महत्त्वपूर्ण सब्जियां हैं। बच्चों को फलों और सब्जियों के रस पिलाएं। अपने बच्चे को एक दिन में कम से कम तीन फल और दो सब्जियां जरूर खिलाएं।
3- पार्क ले जाएं : कई शोधों में ऐसा पाया गया कि पार्क में खेलने से बच्चों को दिमागी विकास होता है और वे तनाव से दूर रहते हैं। इसलिए बच्चों को दिन में किसी भी समय कम से कम आधे घण्टे के लिए पार्क आदि लेकर जाएं। इससे बच्चे और आपके बीच की बॉन्डिंग भी बढ़ेगी।
4- भरपूर नींद लेने दें : बढ़ते बच्चों के लिए उचित आराम और नींद आवश्यक है। नींद की कमी से बच्चों में बीमारियां बढऩे लगती हैं और उनकी सेहत को नुकसान होने लगता है। एक नवजात शिशु को दिन में 18 घण्टे सोने की जरूरत होती है। अन्य बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सोना चाहिए। यह समय 10 से 14 घण्टे का हो सकता है। ऐसे में इस बात का खयाल रखें कि आपके बच्चे के सोने का कमरा काफी सुकून भरा हो।
5- एक्सरसाइज: कई तरह के व्यायाम भी आपके बच्चों को एक्टिव बनाते हैं...
- व्यायाम आपके बच्चे को बीमारियों से मुक्त रखने का एक शानदार तरीका है। प्रतिदिन लगभग 30 मिनट का नियमित व्यायाम प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है और आपके बच्चे को कई अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।
- बच्चों को बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि फिजिकल एक्टिविटीज की मदद से उसका उचित विकास हो सके।
- 30 मिनट के लिए चलना, दौडऩा, जॉगिंग या साइकिल चलाना बच्चों के लिए अच्छा व्यायाम हो सकता है। इसके अलावा स्वीमिंग या फुटबॉल जैसी चीजें भी उनके लिए उपयोगी होती हैं।
Published on:
01 Jul 2018 12:52 pm
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